मुख्यमंत्री ने किया राज्य स्तरीय खेल महाकुम्भ का शुभारम्भ

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देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को महाराणा स्पोर्टस स्टेडियम में राज्य स्तरीय खेल महाकुम्भ को विधिवत शुभारम्भ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय खेल महाकुम्भ 2018 के शुभारम्भ की घोषणा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में खेलों के कोच को विशेष ट्रेनिंग देने के लिए विदेश कोच की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की जा रही है। इस पहल से भविष्य में उत्तराखण्ड के उभरते हुए खिलाड़ियों और बच्चों को विभिन्न खेलों की अच्छी कोचिंग मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को 2020 में राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का अवसर मिला है। राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करना राज्य के लिए ऐतिहासिक अवसर है। विश्वास है कि उत्तराखण्ड जो अपने आतिथ्य सत्कार के लिए जाना जाता है, राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी बहुत ही सुव्यवस्थित ढंग से आत्मीयता और सहृदयता के साथ करेगा। उन्होंने कहा कि खेल विभाग द्वारा राज्य स्तरीय खेल महाकुम्भ आयोजन द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि राज्य के अधिक से अधिक बच्चे इसमें प्रतिभाग करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल खेल नहीं है बल्कि एक भावना भी है। जो हमकों एक होने का अहसास कराती है। एकता के सूत्र में पिरोने का काम करती है। खेल केवल खेल के लिए नहीं है बल्कि इससे कहीं न कहीं खिलाड़ियों में देश के लिए प्रेम और कुछ कर गुजरने की भावना पैदा होती है। खेल भावना केवल खेल के लिए नहीं बल्कि सामाजिक व राष्ट्रीय जीवन भी परिलक्षित होती है। आज उभरते हुए खिलाड़ी अपने स्कूल, जिले, राज्य के लिए खेल रहे है। उन्होंने कामना की कि भविष्य में अपने देश के लिए खेलने का सौभाग्य खिलाड़ियों को मिलेगा। राज्य के खेल विभाग के प्रयासों से उत्तराखण्ड को बीसीसीआई की मान्यता मिली। खेल विभाग के सक्रिय प्रयासों से ही अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेण्ट के आयोजन भी महाराणा प्रताप स्पोर्टस स्टेडियम में गत दो वर्षो से करावाए जा रहे हैं। महाराणा प्रताप स्पोर्टस स्टेडियम में ही ऐतिहासिक इन्वेस्टर्स समिट का भी आयोजन किया गया। राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ का आयोजन बहुत अच्छी शुरूआत है। इस महाकुंभ में दूरस्थ क्षेत्र के खेल प्रतिभाएं आ रही है, उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह राज्य के दूरस्थ क्षेत्र के बच्चों के लिए बहुत अच्छा अवसर है जहां से वह बहुत आगे बढ़ सकते है। हमारे दो अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम देहरादून व नैनीताल में है।

गौरतलब है कि उत्तराखण्ड में खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य में प्रथम बार खेल महाकुम्भ 2017 में किया गया था। इन प्रतियोगिताओं को आयोजन विभिन्न आयुवर्गों और खेल विधाओं में न्याय पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक किया जाता है। इससे राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। वहीं दूरस्थ ग्रामीण अंचलों व नगरी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को चुनने व उन्हें भविष्य हेतु चिन्हित एवं प्रशिक्षित किया जायेगा। खेल महाकुम्भ 2018 में अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 बालक बालिका और 19 से 25 आयु वर्ग में महिला और दिव्यांगजनों की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है। प्रथम चरण में राज्य की समस्त 670 न्याय पंचायतों, द्वितीय चरण में 95 विकासखण्डों और तृतीय चरण में समस्त 13 जनपदों में प्रतियोगिताएं आयोजित की चुकी है। जिनमें पिछलें वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों की संख्या अधिक रही है। राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष विकासखण्ड, जनपद एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में विजेता खिलाड़ियों हेतु पुरस्कार राशि दोगुनी की गयी है। इस वर्ष खेल महाकुम्भ में राज्य स्तर पर 13 खेल विधाओं में 3,744 बालक एवं 3,666 बालिकाएं कुल 7,410 खिलाड़ी विभिन्न आयु वर्गों में प्रतिभाग करेंगे।

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