Pithoragarh: भूवैज्ञानिक टीम ने किया आपदा क्षेत्रों का भूगर्भिक निरीक्षण

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पिथौरागढ़: जिलाधिकारी पिथौरागढ़ द्वारा दिये गये निर्देशो के क्रम में देहरादून से आयी भूवैज्ञानिक टीम तथा भूवैज्ञानिक टीम पिथौरागढ़ द्वारा दिनांक 1 सितम्बर को धारचूला से नौला मन्दिर जुम्मा तक हेलीकॉप्टर से तथा उसके बाद पैदल रास्तों से तोक जामुनी पहुंचे। तोक जामुनी में पाया गया कि तोक के ऊपरी भाग पर स्थित तोक ज्योल दूँगा के निचले भागों से अधिक वर्षा के कारण भूस्खलन एक्टिव हुआ है, जिसमें 03 भवन पूर्णतः तथा 01 भवन टूट चुके है, जिसमें 05 लोग मलवे में दब गये थे, जिसमें से 02 बॉडी रिकवर हुयी है, अन्य 02 बॉडी मलवे में नही मिल पाई है। तोक सिर उडीयार में 02 भवनों को नुकसान हुआ, जिसमें 02 लोग मलवे में दब गये थे जो मिल चुके है, कुछ लोग घायल बताये गये है। थुलथाम, कठेरी ढुंगा, आदि का भी निरीक्षण किया गया। तोक खातपोली में भी ऊपरी भाग से भूस्खलन होने से कई भवन बाल-बाल बचे है, खातपोली के ऊपरी भाग पर स्थित तोक रेजानी व नालापानी के नीचे से भूस्खलन चालू हुआ था। तोक तुसरानी में भी अपहिल भूभाग से 02 नालो में मलवा आने के कारण तथा निचले भाग से कुला गाड़ नदी से कटाव होने के कारण लगभग 22 परिवार खतरे की जद में आ चुके है, नालों द्वारा पहाड़ी से अपना रुख बदल देने से जनहानि से सभी लोग बच गये परन्तु खतरा अभी भी बरकरार है, क्योंकि ऊपरी भाग में अभी भी मलवा रुका हुआ है, तुसरानी के ऊपरी भाग पर स्थित नालापानी तोक के निचले भागों से भूस्खलन एक्टिव हुआ है।

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ग्राम जुम्मा के अन्य तोक भी खतरे में आ चुके है, तोक भारभेली के भवनों के नीचे से कुलागाड़ कटाव करने से पैदल रास्ते ध्वस्त हो चुके है तथा भवनों के निचले भाग से कटाव जारी है। जुम्मा के तोक नाग के अंतर्गत छोटी बस्ती धौलकोट, तल्ला नाग, घाड़ी का नाला तोक के ऊपरी भाग से नाले में मलवा आने के कारण बस्ती खतरे में आने से बची है। चौडार तोक में 02 भवन नदी और नाले में बाढ़ आने के कारण खतरे में आ चुके है, जिसमें परिवार 02 दिनों तक पानी कम नही होने तक फंसे रहे, जिन्हें ग्रामीणों ने अस्थायी पुल बनाकर बाहर निकाला है। तोक छरकल बाटा तोक के 04 भवन दो नालों के मध्य होने के कारण आवागमन बन्द है जो पहले ही बाहर आ चुके थे। इस के अतिरिक्त तोक बुरांश, भनार, दोछिना आदि तोकों का स्थलीय निरीक्षण कर लगभग 25 km पैदल यात्रा कर टीम 02 सितंबर को धारचूला आ चुकी है। प्रभावित परिवारों का विस्थापन तथा अन्य परिवारों के सुरक्षा हेतु सुरक्षा कार्य किये जायेंगे। समस्त तोकों का भूगर्भीय निरीक्षण कर विस्तृत आख्या जिलाधिकारी महोदय को प्रेषित की जायेगी।

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