उत्तरखण्ड: विकास प्राधिकरणों के माध्यम से आवासीय भवनों के नक्सों की स्वीकृति के लिये सिंगल विंडो सिस्टम, आवासीय भवनों के नक्से 15 दिन के अन्दर स्वीकृत करने के दिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास प्राधिकरणों के माध्यम से आवासीय भवनों के नक्सों की स्वीकृति आदि की व्यवस्थाओं को सुगम बनाये जाने के लिये सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था बनाये जाने के निर्देश दिये है। आवासीय भवनों के नक्से 15 दिन के अन्दर स्वीकृत हो जाय, यह भी सुनिश्चित किया जाय तथा इस संबंध में अपनायी जाने वाली प्रक्रियाओं को व्यवहारिक एवं सरलीकरण के साथ प्रभावी बनाये जाने पर भी उन्होंने बल दिया।
मुख्यमंत्री ने नगरीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान की दिशा में भी प्रभावी कार्ययोजना बनाये जाने को कहा ताकि स्वच्छ व सुन्दर देवभूमि का संदेश देश व दुनिया में जाए। मुख्यमंत्री ने आवास एवं शहरी विकास विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करने पर भी ध्यान देने को कहा। जिलों में नगर निकाय से जुडे कार्यों की मॉनिटरिंग के लिये मुख्य विकास अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपे जाने की व्यवस्था बनाये जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं।
बुधवार को सचिवालय में आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा सशक्त उत्तराखण्ड /2025 से संबंधित कार्ययोजना एवं संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुये मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रतिवर्ष प्रदेश में आने वाले लाखों पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं आदि के लिये की जाने वाली व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुये योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान दिया जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा तैयार किये गये अल्प, मध्य एवं दीर्घकालिक रोड मैप के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये प्रभावी प्रयास किये जांय ताकि इस क्षेत्र में निर्धारित निवेश के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीक एण्ड में देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रूद्रपुर, नैनीताल के शहरों को जाम की स्थिति से मुक्त करने के लिये पार्किंग स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाय। इन शहरों के लिये शटल वाहन सेवा के संचालन तथा पार्किंग स्थलों के विकास में निजी सहभागिता की संभावनायें तलासे जाने के भी निर्देश उन्होंने दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों में अच्छी सड़कों के साथ बिजली, पेयजल, स्वच्छता आदि की व्यवस्थाओं के लिये समयबद्ध योजना बनाकर ही भविष्य की चुनौतियों का सामना किया जा सकेगा। उन्होंने विभिन्न प्राधिकरणों के मध्य आपसी समन्वय बनाये जाने तथा आवासीय योजनाओं आदि का मास्टर प्लान तैयार करने में स्टेक होल्डर को भी सहयोगी बनाये जाने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने म्युनसिपल सोलिड वेेस्ट मैनेजमेंट, शहरी आजीविका सुधार के लिये महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन, स्ट्रीट वेन्डर, प्रधानमंत्री आवास शहरी, शहरों के सौन्दर्यीकरण एवं पर्यावरण के लिये पार्कों के निर्माण एवं ओपन जिम जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी लाये जाने को कहा।
अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन ने बताया कि आवास विभाग के तहत वर्ष 2023-24 के लिये 8793 करोड के निवेश तथा 23.65 लाख रोजगार के अवसरों का लक्ष्य रखा गया है। जबकि वर्ष 2026-27 के लिये यह लक्ष्य 17586 करोड निवेश तथा 47.30 लाख रोजगार सृजन का है। शहरी विकास विभाग से संबंधित कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण निदेशक शहरी विकास श्री नवनीत पाण्डे द्वारा किया गया।
बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव राधा रतूडी, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव मुख्यमंत्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, एस. एन. पाण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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