उत्तराखंड: राज्य सरकार का एक वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए यह संदेश

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देहरादून 22 मार्च, 2023: राज्य सरकार का एक वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह संदेश दिया है। 
उन्होने कहा है कि “हमें प्रदेश की सम्मानित जनता का आशीर्वाद और भरपूर स्नेह मिला है। इसके लिए माताओं, बहनों, बुजुर्गों और युवा साथियों का बहुत आभार व्यक्त करता हूं। प्रदेश के इतिहास में ये पहली बार था की किसी सरकार को दुबारा जनता ने अपना आशीर्वाद दिया हो।  मैं विश्वास दिलाता हूं कि आमजन ने जो विश्वास और भरोसा हम पर जताया है, उस पर हमारी सरकार खरा उतरने का पूरा प्रयास करेगी। माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं।

मैं इस अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

स्वर्गीय अटल ने उत्तराखण्ड बनाया था तो देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे संवारने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत की शक्ति और सामर्थ्य को पूरे विश्व ने पहचाना है, माना है। यह भारत की बढ़ती शक्ति का परिणाम है कि भारत को ळ20 की अध्यक्षता मिली है। बड़ी प्रसन्नता की बात है कि उत्तराखण्ड में भी ळ 20 की तीन बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

हमारी सरकार युवाओं के लिए समर्पित सरकार है। हमने भर्ती माफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वाले 80 से ज्यादा लोगों को जेल में डाला है। हमारे युवाओं के साथ कोई धोखा करने की सोचे भी नहीं, इसके लिये हमने देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया है। पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता से परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। तीन परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है। अन्य परीक्षाओं का आयोजन जारी कैलेण्डर के अनुसार किया जा रहा है।  

हमने चुनावों से पहले समान नागरिक संहिता का वायदा किया था और जनता जनार्दन से हमें भरपूर आशीर्वाद भी मिला। समान नागरिक संहिता के लिये गठित समिति जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, आमजन आदि से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार कर रही है।

जबरन या प्रलोभन से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिये हमारी सरकार ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता(संशोधन) विधेयक पारित किया है। इसके मायने यह हुए कि प्रदेश में अब मतांतरण कराने वालों पर रोक लगेगी।

हमारे प्रदेश की बहनें बहुत ही कठिन परिस्थितियों में काम करती हैं। हमने प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था कानून बना कर एक बार लागू की है।

पिछले वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई हैं। प्रधानमंत्री स्वयं केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों तथा बदरीनाथ धाम के विकास कार्यों का अनुश्रवण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास किया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में मल्टी मॉडल कनेक्टीवीटी पर अभूतपूर्व काम हुआ है।

हमारी सरकार जो कहती है वो करती है। हमने जनता से जो भी वायदे किये हैं, उन्हें अवश्य पूरा करेंगे। हमने समान नागरिक संहिता की दिशा में मजबूत पहल की है। राज्य के अन्त्योदय परिवारों को वर्ष में 3 गैस रीफिल निशुल्क दी जा रही है।

स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरूआत करने में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में है।  राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नई खेल नीति लाई गई है।

उद्योगों को आकर्षित करने के लिये लघु एवं सूक्ष्म उद्योग विभाग ने कस्टमाइज पैकेज की नीति तैयार की है। नई स्टार्ट अप नीति भी तैयार की गई है। एम.एस.एम.ई के तहत निजी क्षेत्र में औद्योगिक संस्थानों की स्थापना की जाएगी। उद्योग अनुकूल नीतियों और प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम से निवेशक राज्य में आए हैं।

हमने राज्य में निशुल्क जांच योजना प्रारम्भ की है। इसके तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है। आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में प्रदेश के सभी परिवारों को 5 लाख रूपये वार्षिक तक के निशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा रही है।  टेली मेडिसिन के लिए 400 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 04 मेडिकल कॉलेज से जोड़ा गया है। उधमसिंहनगर जिले में एम्स का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

हमारी सरकार अन्त्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ, अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। लोगों को योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि पर खास तौर पर फोकस किया गया है। अपणि सरकार पोर्टल,  ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाईन, के चलते कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिये भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064 लांच किया गया। वोकल फॉर लोकल पर आधारित ‘एक जनपद दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलेगी।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का यज्ञ चल रहा है। उत्तराखण्ड का भी इस यज्ञ में महत्वपूर्ण योगदान है। श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण, श्री बदरीनाथ धाम के पुनर्विकास की योजना प्रधानमंत्री के विजन, नेतृत्व एवं संकल्प का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है।  गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास प्रधानमंत्री द्वारा किया गया।  सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर रोपवे शुरू किया जा चुका है। पिछले वर्ष 45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किये। कोविड से पूर्व वर्ष की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक यात्री यहां आए। कुशल प्रबंधन से कांवड़ यात्रा भी निर्विघ्न सम्पन्न हुई। करोड़ों कांव़ड़ यात्री गंगा जल लेकर गये।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की दिशा में आगे बढ़ते हुए केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम की तर्ज पर कुमाऊ के पौराणिक और प्राचीन मंदिरों के विकास के लिय हम मानसखण्ड मंदिर माला मिशन पर काम कर रहे हैं। हम आकर्षक नई पर्यटन नीति लेकर आए हैं। इसमें स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 100 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया है। हमारी 06 एरोमा वैली विकसित किये जाने की योजना है। मिशन एप्पल और मिशन किवी के साथ ही मिशन दालचीनी, मिशन तिमरु प्रारंभ करने का निर्णय किया है।

प्रधानमंत्री के विशेष प्रयासों से वर्ष 2023 को प्दजमतदंजपवदंस ल्मंत वि डपससमजे के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के विजन से भारत के पोष्टिक मोटे अनाजों को विश्व स्तरीय पहचान मिल रही है। हम भी अपने प्रदेश में मंडुवा, झंगोरा आदि स्थानीय मोटे अनाजों को बढ़ावा दे रहे हैं। स्टेट मिलेट मिशन को मंजूरी दी गई है। किसानों से 3578 रूपये प्रति क्विंटल मंडुवा खरीदा जा रहा है और राशन कार्ड धारक को 1 किलो पोष्टिक मंडुवा उपलब्ध कराया जा रहा है। अपनी माताओं और बहनों के सशक्तिकरण के लिये हमने ‘मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना’ की शुरूआत की। इसके तहत हमने वर्ष 2025 तक महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 1.25 लाख बहनों को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा है।

इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन के लिए इस बार बजट में हमने कुल पूंजीगत परिव्यय का 0.5 प्रतिशत जलवायु परिवर्तन शमन के लिए प्रावधान किया है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हमारे द्वारा ये पहल की गई है। हमने राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का निर्णय लिया है।

इस वर्ष हमें जोशीमठ भू धंसाव जैसी  प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा। लेकिन स्थानीय लोगों के सहयोग से सरकार द्वारा कुशल प्रबंधन तथा त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को सुनिश्चित करते हुए किसी प्रकार की जीवन हानि नहीं होने दी गई।  इस कार्य में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग राज्य सरकार को मिला। प्रभावितों को सही समय पर राहत शिविरों में विस्थापित किया गया। राज्य सरकार तथा प्रशासन विस्थापितों के साथ हर कदम में साथ खड़ा रहा।  मुआवजा वितरण का कार्य निरंतर जारी है। इस बजट में हमने 1000 करोड़ का प्रावधान किया है। हमारी सरकार  प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए जहां एक ओर पर्यटन नीति,सौर ऊर्जा नीति लेकर आयी है, वही दुसरी और होम स्टे को बढ़ावा  के साथ उद्यान,कृषि जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दे रही है।

वर्ष 2025 उत्तराखण्ड को को देश का नम्बर एक राज्य बनाने के लिये हम विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि हम समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करेंगे।“

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