बच्चे के अपहरण करने की धमकी देकर, 5 लाख की फिरौती मांगने वाला अभियुक्त गिरफ्तार

Please Share

देहरादून: राज्य कर विभाग (जीएसटी) के सहायक आयुक्त को उसके बच्चे के अपहरण करने की धमकी देकर, 5 लाख की फिरौती मांगने वाले अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

मामले के अनुसार, बीती गुरूवार को शिकायतकर्ता शिव शंकर यादव, सहायक आयुक्त, सचल दल इकाई, राज्य कर विभाग रामनगर नैनीताल, हाल पता आवासीय कॉलोनी राज्य कर भवन ऋषिकेश ने कोतवाली ऋषिकेश में शिकायत दर्ज कराई गई कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मुझे फोन पर मेरे बच्चे के अपहरण करने व 5 लाख की फिरौती की मांग की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली ऋषिकेश में तत्काल मुकदमा अपराध संख्या 95/19 धारा 385/506 आईपीसी पंजीकृत किया गया।

मामले का संज्ञान लेते हुए तीन अलग-अलग पुलिस टीम (सादा एवं वर्दी) गठित करते हुए सर्विलांस की सहायता लेकर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। गठित पुलिस टीम द्वारा शिकायतकर्ता के आवास के आसपास स्थित दुकानों, प्रतिष्ठानों के कई सीसीटीवी कैमरे चेक करते हुए पूछताछ की गई एवं संदिग्धो को थाने लाकर भी सख्ती से पूछताछ की गई, तथा धमकी दिए जाने वाले मोबाइल नंबर को भी सर्विलांस पर लगा कर आवश्यक कार्यवाही की गई।

धमकी दिए जाने वाले मोबाइल नंबर के धारक के सिम की आई.डी. शहीद अहमद निवासी नया बांस सहारनपुर के नाम पर पायी गयी। उक्त व्यक्ति के सम्बन्ध में जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि 31 जनवरी को शहीद  सुल्तानपुर उप्र से बस से बरेली आया व बरेली से मुज्जफरनगर पंहुचा,  जहां से वह सहारनपुर के लिये ट्रेन में सवार हुआ। ट्रेन में बैठने के बाद शामली के आस-पास किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा इसे नशीला पदार्थ सुंघा लिया तथा इसका सामान ले लिया,  जिसमें इसका मोबाईल भी था। बेहोशी की हालत में यह व्यक्ति ऋषिकेश पंहुचा, जहां पर जीआरपी पुलिस द्वारा होमगार्ड की सहायता से इसे हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान होमगार्ड अमित सैनी ने इसकी जेब में रखा सिम कार्ड निकाल दिया था।

जिस मोबाईल से धमकी दी गयी, वह लावा कंपनी का फोन होना पाया गया, जिसके सम्बन्ध में जानकारी की गयी तो पाया कि यह फोन वर्ष 2018 में डोईवाला से किसी ओमप्रकाश निवासी केशवपुरी बस्ती डोईवाला को बेचना पाया गया। इस पर ओमप्रकाश की तलाश की गयी तो मिलने पर उसने बताया कि मैने मार्च-अप्रैल 2018 में लावा का कीपेड वाला मोबाईल खरीदा था, माह जुलाई 2018 में मैं ऋषिकेश आया था तो तहसील चौक से आगे जीएसटी कार्यालय के सामने में जंगल की तरफ गया था तो जब मैं बाहर आया तो एक व्यक्ति ने मुझे पकड़ लिया व कहा कि मैं पुलिस में हॅूं, तू यहां पर गन्दे काम करने आया था, मुझे रूपये दे। मैने कहा कि मेरे पास रूपये नही हैं तो उसने मुझसे मोबाईल छीन लिया व कहा कि कल 500 रूपये लेकर आना व मोबाईल ले जाना जब अगले दिन मैं मोबाईल वापस लेने गया तो वह मुझे नही मिला, सामने आने पर मैं उसे पहचान सकता हॅूं।

पुलिस टीम द्वारा सिम व मोबाईल फोन खोने की घटना को आपस में जोड़कर देखा व आस-पास जानकारी की गयी तो जानकारी में आया कि होमगार्ड में नियुक्त अमित सैनी द्वारा बाईपास रोड पर मोबाईल व रूपये छीनने की घटना की गयी थी। इस पर होमगार्ड अमित सैनी के मोबाईल को भी सर्विलॉस पर लगाया गया जिससे धमकी देने वाले मोबाईल नम्बर व अमित सैनी के मोबाईल नम्बर की लोकेशन एक ही पायी गयी।

पुलिस के द्वारा शिकायतकर्ता के परिवार को भी सुरक्षा प्रदान करते हुए धमकी देने वाले अज्ञात व्यक्ति की लोकेशन वाले स्थान पर भी पूछताछ की गई,  जिस पर आज मुखबिर की सूचना पर शिकायतकर्ता को बच्चे के अपहरण व धमकी देकर फिरौती मांगने वाले अभियुक्त को रेलवे रोड रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई है।

फिरौती मांगने वाले अभियुक्त की पहचान अमित सैनी पुत्र स्वर्गीय राजपाल सैनी निवासी गली नंबर 1/3  बनखंडी, ऋषिकेश के रूप में हुई।

अभियुक्त द्वारा बताया गया कि करीब डेढ़ साल पूर्व उपरोक्त शिकायतकर्ता के साथ ड्यूटी के दौरान मेरी साथ कहा सुनी हो गई थी,  जिसका बदला लेने के लिये मैने यह योजना बनायी। 1 फरवरी को जीआरपी में ड्यूटी के दौरान रेलवे स्टेशन ऋषिकेश पर एक व्यक्ति जहरखुरानी का शिकार होकर आया था, जिसे हास्पिटल भर्ती कराने के दौरान मैने उसकी जेब से यह सिम कार्ड निकाला था। मोबाईल फोन को मैने पिछले वर्ष एक व्यक्ति से जीएसटी कार्यालय के बाहर सड़क पर छीना था। धमकी देने के लिये मैने इन्ही सिम व मोबाईल का प्रयोग किया ताकि मैं पक़ड़ा न जाऊ।

admin

Passionate about independent journalism and committed to delivering timely, accurate news to our readers. As the driving force behind Hindi News Bharat, I focus on bringing important regional and national stories to light, ensuring that truthful reporting remains at the forefront of digital media.

You May Also Like