जायरा के फैसले पर बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं; SP सांसद बोले- जिस्म की नुमाइश गलत, भाजपा ने की जाँच की मांग

Please Share

नई दिल्ली : जायरा वसीम के बॉलीवुड छोड़ने पर विवाद जारी है। फिल्मी कलाकारों के बाद राजनीतिक दल भी इस विवाद में कूद पड़े हैं। इस बीच, समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद एसटी हसन ने सोमवार को जायरा के फैसले को सही ठहराया और कहा कि इस्लाम ‘औरतों को जिस्म की नुमाइश करने की इजाजत नहीं देता।’ उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में भी इसी तरह की बातें कही गई हैं। टीएमसी सांसद नुसरत जहां के सिंदूर लगाकर संसद आने पर उन्होंने कहा कि हर किसी को अपनी पसंद की शादी करने का अधिकार है।

जायरा के फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के निर्णय पर हसन ने कहा, ‘मेरा धर्म इस्लाम है और मैं स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि ‘औरतों को अपनी जिस्म की नुमाइश करने का अधिकार नहीं है।’ महिलाओं का ऐसा पहनावा जो पुरुषों को उकसाता है, उस पर पूरी तरह मनाही है। यह इस्लाम में पूरी तरह ‘हराम’ है। मुझे लगता है कि हिंदू धर्म में भी इसी तरह की बातें कही गई हैं। हम लोग अपनी संस्कृति छोड़कर पश्चिम की संस्कृति अपना रहे हैं। वे लोग जो ऐसा कर रह हैं, यदि उनकी इच्छा है तो वे पश्चिम संस्कृति को अपना सकते हैं, मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है।’

इस्लाम के अंदर औरतों को अपने जिस्म की नुमाइश करने की इजाजत नहीं है। या ऐसी चीजें करने की इजाजत नहीं है जिससे मर्दों की सेक्स अपील बढ़ती हो। ये हमारे यहां हराम है। जिन्हें अपनी जिस्म की नुमाइश करना पसंद है, वे करें। हम धार्मिक लोग हैं। हमें अल्लाह और ईश्वर को अपने काम का हिसाब देना है।

तृणमूल सांसद एवं अभिनेत्री नुसरत जहां के सिंदूर लगाकर संसद पहुंचने पर जारी फतवे पर हस ने कहा कि सभी को अपनी पसंद के अनुसार शादी करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, ‘मुझे इस बात में कोई गलती नहीं दिखाई देती कि नुसरत ने हिंदू परंपरा के अनुसार शादी की। अगर वह इस्लाम धर्म छोड़ भी दे तो मुझे कोई परेशानी नहीं होगी। सभी को इस अपनी पसंद की शादी करने का अधिकार है।’

बता दें कि ‘दंगल गर्ल’ नाम से मशहूर जायरा वसीम के बॉलीवुड छोड़ने के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है। जायरा के इस कदम के लिए बॉलीवुड के कई कलाकारों ने उनकी आलोचना की है। अभिनेत्री के इस फैसले के लिए घाटी की कट्टरवादी सोच को जिम्मेदार ठहराया गया है। इस विवाद में बॉलीवुड के बाद राजनीतिक दल भी शामिल हो गए हैं। भाजपा ने जायरा के इस फैसले की जांच कराने की मांग की है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला जायरा का अपना है और उनके फैसले का सम्मान होना चाहिए लेकिन इस तरह के फैसले गुमराह और विभाजनकारी सोच को बढ़ावा देते हैं। वहीं, शिवसेना ने जायरा के फैसले पर सवाल उठाया। शिवसेना की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘यदि आपकी आस्था आपको आकर्षित कर रही है तो आप इसका पालन कर सकते हैं, लेकिन प्लीज धर्म को आधार बनाकर अपने करियर का फैसला ना करें।’

admin

Passionate about independent journalism and committed to delivering timely, accurate news to our readers. As the driving force behind Hindi News Bharat, I focus on bringing important regional and national stories to light, ensuring that truthful reporting remains at the forefront of digital media.

You May Also Like