एनसीईआरटी के उल्लंघन या अतिरिक्त भार डालने वाले स्कूलों की अब खैर नहीं

Please Share
देहरादून: उत्तराखण्ड सरकार द्वारा कुछ ही दिन पूर्व राज्य के सभी सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को इसी सत्र से लागू करने का ऐतिहासिक आदेश दिया था। यह फैसला इसलिये लिया गया ताकि गरीब से गरीब विद्यार्थी भी सस्ते दामों पर किताबें खरीद सके और उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो सके। देहरादून एजुकेशन का हब रहा है और प्रदेश में सबसे अधिक स्कूल देहरादून में ही हैं। इसलिए सबसे अधिक शिकायतें भी देहरादून जिले से ही प्राप्त हो रही है। 
पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री मोबाइल एप, मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज और ट्विटर अकाउंट पर अभिभावकों की यह शिकायत मिल रही थी कि, कुछ स्कूल एनसीईआरटी की पुस्तकों के अतिरिक्त अन्य प्राइवेट पुस्तकें खरीदने के लिए अभिभावकों के साथ जबरदस्ती कर रहे हैं। कुछ दुकानदार एनसीईआरटी की किताबों की ओवर स्टॉकिंग कर रहे हैं। जिससे कई स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों की कमी हो गई है और जब भी अभिभावक एनसीईआरटी की पुस्तकों के लिए पूछ रहे हैं, तो स्कूल किताबों की शॉर्टेज होने की बात कर रहे है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने देहरादून के जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि, तुरंत जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में इन शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाए और उसमें कम से कम दो डेडिकेटेड कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। देहरादून जिले के जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायत का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए 24 घंटे के अंदर दो अधिकारियों की ड्यूटी लगाई और उनके मोबाइल नम्बर शिकायतों के लिए जारी कर दिए हैं। देहरादून जिले के कोई भी अभिभावक यदि, स्कूलों की मनमानी से संबंधित कोई शिकायत करना चाहता है, तो वे सीधा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मोबाईल नम्बर 9412403037 और 9412973903 एवं ई-मेल पर deo-dehradun-dir@gmail-com पर संपर्क कर सकता है।
प्रदेश के अन्य जनपदों के अभिभावक भी अपने जनपद के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के फोन नंबरों पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मुख्यमंत्री द्वारा अभिभावकों और बच्चों के हित में लिए गए इस फैसले से अभिभावकों और जनता में खुशी है और अभिभावकों ने इस त्वरित एक्शन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।

admin

Passionate about independent journalism and committed to delivering timely, accurate news to our readers. As the driving force behind Hindi News Bharat, I focus on bringing important regional and national stories to light, ensuring that truthful reporting remains at the forefront of digital media.

You May Also Like