उत्तराखंड में बादल फटने से मची तबाही, कई घर जमींदोज, आठ की मौत, 17 लापता

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देहरादून: प्रदेश में शनिवार देर रात से हो रही बारिश ने जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।जिले के मोरी ब्लाक के आराकोट क्षेत्र में शनिवार देर रात बादल फटने से कई लोगों की मौत हो गई और दर्जनों मकान पानी के सैलाब में समा गए। रविवार देर शाम तक आराकोट और माकुड़ी से आठ लोगों के शव बरामद हो चुके थे। जबकि क्षेत्र में अलग-अलग जगह 15 से 17 लोगों के बहने और मलबे में दबने की सूचना है।

बता दें कि प्रदेश में बारिश का कहर जारी है। मौसम विभाग का अलर्ट जारी है। बारिश और भूस्खलन के चलते कई मार्ग बाधित है। वहीं उत्तरकाशी में बादल फटने से दर्जनों संपर्क मार्ग व पुल बहने से सैकड़ों ग्रामीण अपने गांव-घरों में ही कैद हो गए हैं। पेयजल और बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त होने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। वहीं मौके पर भेजी गईं आपदा प्रबंधन टीमें संपर्क मार्ग कटे होने के कारण रविवार देर शाम मौके पर पहुंच पाईं। जिसके बाद राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था।

मोरी प्रखंड के आराकोट क्षेत्र में अतिवृष्टि से माकुड़ी, टिकोची, आराकोट एवं मौंडा गांव में भारी तबाही मच गई। ग्रामीणों के अनुसार इन गांवों के ऊपरी हिस्सों में बादल फटने से गाड़ गदेरों में उफान के साथ भारी मलबा आया। माकुड़ी गांव में सरोजनी देवी पत्नी उपेंद्र सिंह की मलबे में दबने से मौत की सूचना है। इसी गांव में चतर सिंह का मकान भूस्खलन के मलबे में दफन हो गया। इस घर में परिवार के पांच सदस्य मौजूद बताए जा रहे हैं।जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। मौंडा गांव की प्रधान माया देवी एवं अक्षय चौहान ने बताया कि गांव के ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने से गदेरे में आए उफान से यहां भारी नुकसान हुआ है। गांव में अव्वल सिंह चौहान, कौंर सिंह चौहान, रणवीर चौहान, मनीष चौहान आदि के सेब के बागीचे तबाह हो गए। चमन सिंह चौहान के मकान को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मौंडा गांव के खक्वाड़ी एवं झोटाड़ी गांव में भी आपदा से भारी नुकसान
हुआ है। झोटाड़ी गांव में छत्रपाल चौहान का परिवार घर में ही फंस गया है।

अतिवृष्टि से गाड़ गदेरों में पानी के साथ भारी मलबा आने के कारण यहां पाबर नदी उफान पर बह रही है। वही त्यूणी देहरादून में टौंस नदी से संगम के बाद उफनती नदी से खतरे को देखते हुए देहरादून प्रशासन ने त्यूणी बाजार को खाली करा दिया है। मोरी आराकोट क्षेत्र में आपदा की सूचना मिलते ही डीएम डा.आशीष चौहान ने बड़कोट, पुरोला और मोरी से राजस्व विभाग, एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीम को मौके पर रवाना कर दिया है। चकराता की ओर से सेना की मदद ली जा रही है। डीएम ने आपदाग्रस्त क्षेत्र से नजदीकी को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के प्रशासन से भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए संपर्क किया है।

हिमाचल प्रदेश से मांगी राहत एवं बचाव कार्य के लिए मदद
डीएम डा.आशीष चौहान ने कहा कि क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण आपदा के हालात पैदा हुए हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए टीमों को मौके पर भेज दिया गया है। आपदा में माकुड़ी एवं आराकोट से कुछ लोगों के लापता होने की सूचना मिली है। इसकी पुष्टि करायी जा रही है।
उत्तरकाशी जिले के मोरी प्रखंड में आराकोट बंगाण क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही की सूचना है। हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे टिकोची बाजार में भी गदेरे ने तबाही मचाई। कोची में स्कूल समेत कई भवन मलबे में दब गए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर रवाना हो गई है।

admin

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