आप वाट्सएप पर हो सकते हैं डाटा लीक के शिकार

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देहराूदन: इन दिनों फेसबुक डाटा लीक मामला सुर्खियों में चल रहा है। आप और हम भी फेसबुक चलाते हैं, तो चिंता की बात हमारे लिए भी है। फेसबुक के बारे में तो सभी जान गए हैं, लेकिन हम आपको वाट्सएप पर डाटा लीक के बारे में बताते हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि आप भी अनजाने में आपना डाटा लीक कर रहे हैं। पुरानी बात छोड़िए, नई बात पर ध्यान दीजिए। हम आपको बताएंगे कि आप अनजाने में कैसे अपना डाटा लीक कर रहे है और उससे कैसे बचा जा सकता है।

ऐसे होता है डाटा लीक
वाट्सएप पर रोजाना आपके पास ढेरों संदेश आते होंगे। इनमें शर्त बस यह होती है कि आप उस संदेश में दिए गए लिंक को खोलें और अपना रजिस्ट्रेशन कराएं। फिर उस संदेश को अपने वाट्सएप संपर्कों को भेजें। ज्यादातर यह संदेश और इनमें दी गई लिंक्स पहली नजर में विश्वसनीय लगती हैं। भ्रमित होकर कई लोग इन निर्देशों का पालन कर लेते हैं। बस इतनी सी प्रक्रिया में ही आपकी अहम जानकारी लीक हो जाती है।आप वाट्सएप पर हो सकते हैं डाटा लीक के शिकार 2 Hindi News Bharat »

मुफ्त कुछ नहीं
अक्सर जो लिंक दिए जाते हैं। उनमें लिखा रहता है कि आपको रजिस्ट्रेशन कराने पर फलां जीच मुफ्त मिलेगी, लेकिन आज के दौर में मुफ्त कुछ भी नहीं होता है। डाटा लीक से बचने के लिए सबसे जरूरी है यह समझना। अगर कोई आपको मुफ्त में कुछ देने की बात कर रहा है, तब भी उसे इसमें कुछ फायदा हो रहा होगा। ऐसे किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ लें। ज्यादातर ऐसा होता है कि संदेश में जो चीज मुफ्त में देने की बात लिखी होती है, लिंक में उसका कोई जिक्र नहीं होता। कई बार सरकारी फायदों के बारे में झूठे संदेश आते हैं, जिनमें यूआरएल डॉट इन के बजाय डॉट कॉम पर खत्म होता है। लिंक को ध्यान से पढ़कर आसानी से समझा जा सकता है कि संदेज सही है या फर्जी।

ऐसे निकाली जाती है लोगों से जानकारी
यह कुछ महत्वपूर्ण जानकारी है। वाट्सएप पर आजकल एक संदेश फैल रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि भारत सरकार मुफ्त सोलर पैनल बांट रही है। इन्हें पाने के लिए एक फॉर्म भरकर जमा करना होगा। यूआरएल में सोलर पैनल रजिस्टेशन लिखा है, लेकिन वह डॉट कॉम पर खत्म हो रहा है न कि भारत सरकार के जीओवी.इन पर। इस लिंक पर क्लिक करते ही एक पेज खुलेगा जिसमें लिखा होगा कि अगर आप हर घर रोशन अभियान का हिस्सा बनना चाहते हैं तो नीचे दिए गए फॉर्म को भरकर रजिस्टर कराएं। इस पेज पर कई विज्ञापन भी हैं, यानी वेबसाइट चलाने वाला विज्ञापनों से कमाई कर रहा है।

जानकारी देने के बाद अगला पेज आपको इस लिंक को वाट्सएप पर अपने दस दोस्तों से शेयर करने का निर्देश देगा। इसके बाद जब आप रजिस्ट्रेशन नंबर पाने के लिए क्लिक करेंगे तो अगला पेज आपसे एप डाउनलोड करने को कहेगा। आपको एक सोलर किट नंबर भी दिया जाएगा, जो किसी काम का नहीं होगा। एप डाउनलोड करके आप इस फर्जी वेबसाइट को बनाने वाले शख्स को फायदा पहुंचाएंगे। अहम बात यह है कि किसी भी सरकारी विभाग और मंत्रालय की वेबसाइट डाॅट काॅम पर समाप्त नहीं होती है। उसमें डाॅट इन का प्रयोग किया जाता है।

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