VIDEO Rudraprayag: जमदग्नि ऋषि आश्रम के विख्यात जमदगनेश्वर मन्दिर में रूद्रमहायज्ञ व राम कथा का हुआ आयोजन प्रारंभ, भगवान नारायण के कुंड से लाए गए 151 जल कलश व त्रियुगीनारायण मंदिर से यज्ञ की अग्नि

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रुद्रप्रयाग: सनातन धर्म को अक्षुण्णता रखने व विश्व कल्याण हेतु केदारनाथ घाटी के सुदूर क्षेत्र मां रेणुका नदी के तट पर बसे जमदग्नि ऋषि आश्रम, जहां कामधेनु गाय नित्य अपने दुग्द सन्नान करती थी, इसी पावन क्षेत्र रूद्रप्रयाग जनपद के फाटा जामूगांव में 18 फरवरी 2022 से 1 मार्च महाशिवरात्रि पर्व तक स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सानिध्य में रूद्रमहायज्ञ व बाल व्यास प्रज्ञा शुक्ला के मधुर वाणी से संगीत मय राम कथा का भव्य आयोजन प्रारंभ किया गया।
ग्राम पंचायत जामू फाटा के अंतर्गत प्रकृति की सुरम्य गोद मे बसे जमदग्नि आश्रम में विख्यात जमदगनेश्वर मन्दिर में यह रुद्र महायज्ञ एवं रामकथा की जा रही है। आयोजक ब्रह्मचारी ज्ञानानंद महाराज द्वारा अवगत कराया गया कि पौराणिक सनातनी संस्कृति की विरासत को अक्षुण रखते हुए वैदिक परम्परानुसार, विश्व कल्याण एवं शांति के लिए शास्त्रीय विधानानुसार इसका आयोजन किया जा रहा है।
पहले दिन महिलाओं ने गांव के बीच में स्थित मोरु झाड़ में भगवान नारायण के कुंड से 151 जल कलश भरकर वेद मन्त्रों के साथ आश्रम तक लाया गया। साथ ही त्रियुगीनारायण मंदिर से यज्ञ के लिए अग्नि लाई गयी। यज्ञ में अठारह ब्राह्मणों द्वारा सवा लाख आहुति भी दी जाएगी। 151 कलशों से रुद्र महायज्ञ का भव्य शुभारम्भ त्रियुगीनारायण से यज्ञ के लिए लाई गई अग्नि से किया गया। जमदगनेश्वर मन्दिर में रुद्र महायज्ञ का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महायज्ञ में भाग लिया व पुष्प अर्जित किया।
इस आयोजन के मुख्य वक्ता एवम कथा वाचक बाल व्यास प्रज्ञा शुक्ला महाराज के अतिरिक्त पूर्णानन्द गिरी महाराज, नर्मदा नन्द महाराज एवं देवगिरी महाराज हैं। 

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