भारत-नेपाल सेना युद्धाभ्यास खत्म, सैन्य नीति का आदान-प्रदान मुख्य उद्देश्य

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पिथौरागढ: 14 दिनों तक भारत और नेपाल की सेना का साझा युद्याभ्यास मंगलवार को खत्म हो गया है। पिथौरागढ़ में  ‘’सूर्य किरण 13’’ नाम हुये इस संयुक्त युद्याभ्यास में दोनों देशो की सेना के 600 जवान और अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें भारतीय सेना की ओर से 13 जम्मू कश्मिर रायफल और नेपाल सेना की ओर से गोरख पक्ष बटालिन ने भाग लिया।

बता दें कि ये युद्धाभ्यास  30 मई से शुरु हुआ था। संयुक्त युद्याभ्यास का समापन नेपाल सेना के मेजर जनरल राजेन्द्र कार्की ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दोनों देशों को रक्षा क्षेत्र में साझा तैयारी के साथ ही भविष्य का निमार्ण करना है। उन्होंने कहा कि सीमा पर आतंकवाद, तस्करी, दैविय आपदा आदि क्षेत्रों पर दोनों देशों की रक्षा क्षेत्र का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि इस संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य नीति का आदान प्रदान, परस्पर सामंजस्य स्थापित करना, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में जंगल युद्धकला और आतंकवाद विरोधी नीतियां तैयार करना रहा है। 14 दिनों तक चले इस संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान महामारी, आपदा नियंत्रण, हवाई आपरेशन के पहलुओं पर भी जानकारी हासिल की गई।

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