करीब 400 बीघा भूमि के फलदार वृक्षो को काटकर की गयी अवैध प्लाटिंग, SIT की जांच के पश्चात पूर्व में MDDA/SADA सचिवों, वनाधिकारी, फल उद्यान अधिकारी, भू-माफियाओं के विरूद्ध कोतवाली विकासनगर में दर्ज किया गया मामला

Please Share
विकासनगर: अवगत कराना है कि अनुज कंसल द्वारा उच्च न्यायालय नैनीताल में जनहित याचिका योजित की गयी थी, जिस पर उच्च न्यायालय द्वारा दून घाटी विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SADA) क्षेत्रान्तर्गत हरबर्टपुर, विकासनगर तथा ढकरानी क्षेत्र के आस-पास कृषि भूमि/बगीचा भूमि के आवासीय में परिवर्तित करने एवं फलदार पेड को काटने की स्वीकृति दिये जाने से सम्बन्धित प्रकरण में SIT गठित कर जांच के आदेश कर प्रकरण में अभियोग पंजिकृत किये जाने के निर्देश निर्गत किये गये थे। पूर्व में यह जांच पुलिस महानिरीक्षक गढवाल परिक्षेत्र की अध्यक्षता में गठित SIT द्वारा की जा रही थी। पुनः पुलिस मुख्यालय द्वारा इस सम्बन्ध में लम्बित जांच को पुलिस महानिरीक्षक कुमायू परिक्षेत्र अजय रौतेला एंव वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून डाॅ0 योगेन्द्र सिंह रावत को सम्पादित करने हेतु निर्देशित किया गया है, जिस पर जांचोपरान्त गठित SIT द्वारा मामले में गहन अन्वेषण के लिये अभियोग पंजिकृत करने की संस्तुति की गयी।
प्रकरण की जांच में निम्न तथ्य प्रकाश आए:-
1) भूस्वामियों/कॉलोनाइजर (भू-मांफिया) द्वारा शासन की अनुमति के बिना, बगीचे की भूमि का लैंड यूज परिवर्तित कराए बिना, हरबर्टपुर, जीवनगढ, ढकरानी क्षेत्र में करीब 400 बीघा भूमि पर भू विनाश (प्लाटिंग) के साथ-साथ वृक्षों का अवैध पातन किया गया तथा उनके द्वारा विभिन्न लोगों को भू-खण्ड विक्रय किए गए, कई भूखंडों के विक्रय पत्रों में वृक्ष होने के बावजूद वृक्षों का नहीं होना दर्शाया गया।
2) इसके अतिरिक्त तत्कालिक अवधि (वर्ष 2007 से 2014 के मध्य) में दून घाटी विशेष क्षेत्र प्राधिकरण के सचिव, वन विभाग के प्रभागीय वन अधिकारी कालसी व उद्यान विभाग के जिला उद्यान अधिकारी व उपरोक्त विभाग के अधीनस्थ अधिकारी गण द्वारा भूस्वामियों व कॉलोनाइजर्स के विरूद्ध कोई कार्यवाही नही की गई और ना ही लोकसेवक होने के नाते अपने कर्तव्यों का पालन किया गया।
अतः शासन द्वारा संपादित एसआईटी की जांच आख्या के आधार पर थाना विकासनगर पर दोषी/उत्तरदाई मूल भूस्वामी/कॉलोनाइजर्स के विरूद्ध जुर्म धारा 423/120बी आईपीसी एवम् धारा 4/10 उत्तरप्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम तथा सम्बन्धित विभाग के लोकसेवकों के विरूद्ध धारा 423/120बी, 217 आईपीसी एवम् धारा 4/10 उत्तरप्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम का अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसकी विवेचना थानाध्यक्ष कालसी द्वारा की जा रही है।
थाना विकासनगर में पंजीकृत मु0अ0सं0: 86/21 धारा: 423, 217, 120-बी भादवि तथा 4/10 उ0प्र0ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में वृक्षो का संरक्षण अधिनियम 1976 बनाम: 01: भूस्वामीगण/कालोनाइजर 02: तत्कालीन सचिव, SADA (वर्ष 2007 से 2014 के मध्य) 03: तत्कालीन प्रभागीय वनाधिकारी कालसी 04: तत्कालीन जिला उद्यान अधिकारी देहरादून 05: सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण।

admin

Passionate about independent journalism and committed to delivering timely, accurate news to our readers. As the driving force behind Hindi News Bharat, I focus on bringing important regional and national stories to light, ensuring that truthful reporting remains at the forefront of digital media.

You May Also Like