जायका कार्यशाला आयोजित, सिरोबगड व वरुणावत्त पर ली जाएगी जापानी टेक्नोलॉजी की मदद

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मसूरी: बुधवार को मसूरी के एक स्थानीय होटल में 10वीं जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन ऐसोसिएशन (जायका) राष्ट्रीय कार्यशाला का विधिवत शुभारम्भ हुआ। कार्यशाला में पहले दिन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, वन मंत्री हरक सिंह रावत, विधायक मुन्ना सिंह चौहान और मसूरी विधायक गणेश जोशी ने शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अखरोट की बागवानी एवं अवनत वनों के सुधारीकरण पर पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया गया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि, इस प्रकार की कार्यशाला आयोजित होनी चाहिए। इससे ज्ञान का आदान-प्रदान होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि, इस प्रोजेक्ट से उत्तराखंड को काफी लाभ मिलेगा। साथ ही जायका प्रोजेक्ट में 8 सौ करोङ उत्तराखंड को मिले हैं, इससे उत्तराखंड के जंगल और भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्रों का ट्रीटमेंट किया जायेगा। इसके आलावा महिलाओं की आमदानी को बढाने का काम किया जायेगा और वन पंचायतों को मजबूत किया जायेगा।

वहीं वन मंत्री हरक सिहं रावत ने जापान सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, जायका प्रोजेक्ट के माध्यम से लोगों की आमदनी  बढ़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्र जैसे सिरोबगड, उत्तरकाशी का वरुणावत्त पहाड के ट्रीटमेंट में जापान की टेक्नोलॉजी की मदद ली जायेगी।

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