OLX धोखाधड़ी: एसटीएफ उत्तराखंड व कुमाऊं साइबर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में राजस्थान से 2 शातिर आरोपी गिरफ्तार, लोगों को ठगने के लिए करते थे अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल

Please Share
देहरादून, दिनांक 17-03-2021: वर्तमान में आपने फ़ेमस जिंगल ‘OLX करो, आगे बढ़ो’ तो सुना ही होगा। ज्यादातर लोग ज़रूरत का सामान खरीदने या अपना पुराना सामान बेचने के लिए OLX का प्रयोग करते हैं । तो कुछ लोग ऐसे भी है जो इस पोर्टल का प्रयोग लोगो के साथ धोखाधडी करने के लिये करते है।
ठगों का यह गिरोह दूसरों को फसाने के लिये अलग-अलग तरीके का इस्तेमाल करते है तथा भारतीय सेना में नियुक्त होने की बात कहकर ओएलएक्स के माध्यम से सामान बेचने के नाम पर सम्पूर्ण भारतवर्ष में आम-जनता के साथ धोखाधडी की घटनाओं को अंजाम दे रहे है।
इसी क्रम में एक प्रकरण शिकायतकर्ता सोहन सिंह निवासी ऋषिकेश द्वारा साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ था जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा OLX पर एक कार का विज्ञापन देखकर उसे खरीदने हेतु उस पर अंकित मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क किया गया, तो मोबाइल नम्बर धारक अज्ञात व्यक्ति द्वारा स्वंय को भारतीय सेना में बताते हुये शिकायतकर्ता को भारतीय सेना का पहचान  पत्र आदि दिखाकर झासे मे लेकर कार बेचने के नाम पर रुपये 1,43,147/- की धोखाधडी की गयी। शिकायतकर्ता द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र के आधार पर साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 02/20 धारा 420, 120बी भादवि व 66(डी) आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया तथा विवेचना साईबर थाने  कुमाऊं के निरीक्षक ललित मोहन जोशी के सुपूर्द कर अभियोग के अनावरण हेतु थाना साईबर क्राईम कुमाँऊ परिक्षेत्र से पुलिस टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम द्वारा अभियोग में अभियुक्तगणों द्वारा प्रयुक्त किये गये मोबाइल फोन नम्बर व वादी मुकदमा से धनराशि जिन बैक खाते में प्राप्त की गयी, उनकी सम्बन्धित दूरभाष कम्पनी व बैक से जानकारी प्राप्त कर विश्लेषण किया गया, तो सभी मोबाइल नम्बर व बैक खाते राजस्थान राज्य के मेवात क्षेत्र के होने पाये गये। पुलिस टीम को अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु राजस्थान रवाना किया गया जहाँ पर पुलिस टीम द्वारा अभियोग में 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया जिनमें से एक अभियुक्त वह है जिसके द्वारा उक्त घटना की संरचना तैयार कर सहअभियुक्तों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया गया। अभियुक्तगण शातिर किस्म के साईबर अपराधी है। जिनके द्वारा विभिन्न राज्यों के कई व्यक्तियो को इसी प्रकार ठगी का शिकार बनाया है।

यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री ने सौंपी आईएएस रणवीर सिंह चौहान को अहम जिम्मेदारी

STF/साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन की टीम द्वारा अथक मेहनत व लगन से देश भर में ओएलएक्स पर सामान बेचने के नाम पर खातों में सेंध लगाकर ठगी करने वाले संगठित गिरोह के सरगना (Master Mind) व उसके सहयोगी को राजस्थान राज्य के दुर्गम स्थान मेवात क्षेत्र से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। गौरतलब है कि यह क्षेत्र जामताड़ा झारखंड के तर्ज पर राजस्थान उत्तर प्रदेश हरियाणा की सीमा परिवेश मैं एक बड़ा साइबर अपराध का गढ़ उभर के आ रहा है | लगातार विभिन्न राजकीय पुलिस इस क्षेत्र से गिरफ्तारी कर रही है।
अपराध का तरीकाः- अभियुक्तगण द्वारा ओएलएक्स पर आर्मी वालों के द्वारा अपने वाहन बेचने के लिए डाले गये असली विज्ञापन को सर्च कर उनसे ग्राहक बनकर बात कर व्हाट्सएप चैट सें उनके असली आईडी, कैण्टीन स्मार्ट कार्ड, वाहन की फोटो, रजिस्टेशन व इंश्योरेंश आदि जरूरी सभी कागजातों को डाउनलोड करके अपने भिन्न भिन्न मोबाईलेां में सेव कर इन असली डाक्यूमेण्ट्स के आधार पर ओएलएक्स में अपनी फर्जी आईडी बनाकर विज्ञापन डालकर उसमें अपना मोबाईल नंबर लिख देते हैं। इसके बाद जरूरतमंद लोग हमसे ओएलएक्स पर तथा विज्ञापन पर अंकित हमारे मोबाईल नंबर पर सम्पर्क करते हैं तो हम उन्हें सस्ते में वाहन बेचने के नाम पर अपने झांसे में लेकर ऐसे लोगों से धोखाधड़ी कर वाहन की डिलीवरी देने, पार्सल चार्ज आदि अलग अलग बहानों से धनराशि पेटीएम खातों में में प्राप्त कर अपने या परिचितो के बैंक खातों में ट्रांसफर कर एटीएम विड्राल कर आपस में बराबर बांटकर आर्थिक लाभ कमाकर अपने शौक पूरा कर लेते है। अभियुक्तगणों द्वारा विकास पटेल के नाम के आधार कार्ड, आर्मी कैण्टीन स्मार्ट कार्ड, ड्राईविंग लाईसेंस, जैसलमेर टू देहरादून के इण्डियन आर्मी पार्सल स्लिप के नाम से विभिन्न प्रकार के वाहन दिखाकर ओएलएक्स फ्राड कर छोटे छोटे अमाउण्ट में अलग अलग किश्तों में धनराशि प्राप्त की जाती है।
प्रभारी स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा बताया गया कि हमारी विभिन्न टीमें लगन के साथ निरंतर मेहनत कर रही है और अलग-अलग राज्य में जाकर गिरफ्तारी की जा रही है। साथ में जनता से अपील की है कि ऑनलाइन सामान खरीदते एवं बेचते समय अधिक सावधानी की आवश्यकता है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में राहुल पुत्र युनुस खाँ उम्र करीब 24 वर्ष जाति मेव निवासी ग्राम लालपुर थाना कामा जिला भरतपुर राजस्थान व सलमान पुत्र रूजदार उर्फ रोजेदार उम्र करीब 25 वर्ष जाति मेव निवासी ग्राम लुहेसर थाना कामा जिला भरतपुर राजस्थान शामिल है। 
गठित पुलिस टीम में ललित जोशी ( निरीक्षक साईबर क्राईम थाना कुमाँऊ परिक्षेत्र), दिनेश पन्त (उपनिरीक्षक साईबर क्राईम थाना कुमाँऊ परिक्षेत्र), मौ0उस्मान (आरक्षी साईबर क्राईम थाना कुमाँऊ परिक्षेत्र), मनमोहन (आरक्षी साईबर क्राईम थाना कुमाँऊ परिक्षेत्र) व संजय कुमार (आरक्षी साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन कुमाँऊ परिक्षेत्र) शामिल थे।

admin

Passionate about independent journalism and committed to delivering timely, accurate news to our readers. As the driving force behind Hindi News Bharat, I focus on bringing important regional and national stories to light, ensuring that truthful reporting remains at the forefront of digital media.

You May Also Like