अधिकारियों की परिक्रमा करने वाले ही बने पुरस्कार के हकदार! पुरस्कार वितरण मामले की सरकार कराए जांच – मोर्चा

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विकासनगर: जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश के कर्मठ, ईमानदार एवं लगनशील शिक्षकों को दिए जाने वाले शैलेश मटियानी पुरस्कार में अन्याय (खेल) कर ईमानदारी और कर्मठता से काम करने वाले शिक्षकों को आघात पहुंचाने का काम किया है। अगर सरकार द्वारा ईमानदारी से प्रदेश के शिक्षकों का चयन किया जाता तो परिणाम कुछ और होता तथा कुछ सेटिंग बाज इस सूची से कोसों दूर होते!

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नेगी ने कहा कि प्रदेश में कई शिक्षक ऐसे हैं जो छात्रों के भविष्य को सुधारने के लिए अपने परिवार की चिंता किए बगैर अपने संसाधनों से जी तोड़ मेहनत करते हैं, लेकिन सेटिंगबाजी/ तिकड़म बाजी न होने के कारण इस दौड़ में पीछे रह जाते हैं। ऐसे भी शिक्षक को शामिल किया गया है, जिसने शिक्षक नियुक्ति मामले में 10- 20 लाख में उच्चाधिकारियों को षड्यंत्र में शामिल कर नौकरी थमा दी। सेटिंगबाज शिक्षक अपने उच्च अधिकारियों को खुश कर मनमाना पुरस्कार हासिल करने में सफल हुए हो जाते हैं। मोर्चा सरकार से मांग करता है कि पुरस्कार चयन मामले में जांच कराए, जिससे कर्मठ एवं इमानदार शिक्षकों का मनोबल ऊंचा रह सके।

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