वित्त मंत्री पंत की अध्यक्षता में हुई बजट भाषण की घोषणाओं की समीक्षा

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देहरादून: सचिवालय स्थित विश्वकर्मा सभागार में वित्त मंत्री प्रकाश पंत की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2018-2019 के बजट भाषण में की गई घोषणाओं विषयक समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।
वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि, विभागों द्वारा 2018-19 की योजनाओं में जो प्रस्ताव दिये गये थे उन्हे समयबद्धता से पूरा किया जाय ताकि योजना का शत प्रतिशत लाभ पात्रों को समय पर मिले। उन्होंन विभागों की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए योजना से प्राप्त होने वाले लाभ की समीक्षा की। उन्होंने केन्द्र पोषित योजनाओं में अब तक उपयोग किये गये बजट का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट तुरंत केन्द्र में भेजने के निर्देश दिये ताकि अवशेष केन्द्रांश शीघ्र जारी हो। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से आगामी बजट में प्रस्तावित की जाने वाली योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष समाप्ति से पूर्व योजना का लक्ष्य हासिल कर लें।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर द्वारा स्वामी विवेकानन्द अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेन्शन एवं वैलनेस सिटी ऋषिकेश योजना की प्रगति पर वित्त मंत्री को जानकारी दी। उन्होंने वीर चन्द्र सिंह गढवाली पर्यटन योजना, वरिष्ठ नागरिकों हेतु संचालित पं.दीनदयाल उपाध्याय मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि होम स्टे पाॅलिशी को और सुगम बनाने हेतु शीघ्र कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जा रहा है। उन्होंने दीर्घ कालीन योजना 13 जिले में 13 नवीन डेस्टिनेशन विकसित योजना में अवगत कराया कि योजना में 13 करोड रूपया मिला है तथा प्रत्येक जनपद को 50-50 लाख रूपये जारी कर दिया गया है।
औद्योगिक विकास योजना के अन्तर्गत उपनिदेशक उद्योग द्वारा अवगत कराया गया कि स्टार्ट अप योजना में 19 दिसम्बर तक 128 स्टार्ट अप भारत सरकार/राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त कर चुके है। उन्होंने बताया कि एमएसएमई नीति 2015 में सेवा क्षेत्र की ईकाईयों को वित्तीय प्रोत्साहन अनुमन्य किया गया है तथा इसमें संशोधन करते हुए पर्यटन के विभिन्न क्षेत्र आयुष, आईटी उद्यमों को भी नीति का लाभ अनुमन्य किया गया है। 7-8 अक्टूबर, 2018 को आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय विनिवेश मेले में 124 लाख करोड रूपये के पूंजी निवेश के 623 इच्छापत्र (एमओयू) हस्ताक्षरित किये गये है तथा एपरेल ट्रेनिंग एण्ड डिजाइन सेंटर के साथ एमओयू सम्पादित करते हुए कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग को धन हस्तान्तरित कया जा चुका है। प्रथम चरण में 12 विभागों द्वारा 121 ग्रोथ सेंटर के प्रस्ताव तैयार किये गये जिनमें 40 प्रस्ताव उच्चाधिकार समिति में रखे गये।
वित्त मंत्री द्वारा कृषि में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परम्परागत कृषि विकास योजना के अन्तर्गत 2022 तक किसानों की आय को दुगना करना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, आदर्श कृषि ग्राम योजना के अन्तर्गत क्लस्टरों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई। तथा औद्यानिक विकास में राष्ट्रीय उद्यान मिशन योजना, अटल जडी बूटी मिशन योजना, वाहय सहायतित योजना की भी समीक्षा की गई। पशुपालन में बीमा योजना, बद्री नस्ल गाय के संरक्षण संवर्द्धन योजना, दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना की भी प्रगति की समीक्षा की गई। दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना में इस वर्ष 01 लाख 50 हजार 480 किसानों को 733 करोड रूपये वितरित किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना में ग्रामीण महिलाओं को सक्षम बनाने के लिये 07 हजार समूहों का गठन किया गया।
वित्त मंत्री द्वारा जलागम, पेयजल, वन एवं पर्यावरण, चिकित्सा स्वास्थ्य, शिाक्षा, श्रम कौशल विकास, लोक निर्माण विभाग, परिवहन, ऊर्जा, आवास, खेल, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभागों की योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई।

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