रुद्रप्रयाग के आठ शिक्षकों सहित देश भर के 510 नवाचारी शिक्षक सम्मानित

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उत्तराखंड: देश के विभिन्न राज्यों में शिक्षकों द्वारा शिक्षा की बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों का सामूहिक साझाकरण के लिए हरिद्वार में दो दिन तक मंथन किया। अभ्युदय वात्सल्यम् समिति के संयोजन में नगर निगम हरिद्वार के टाउन हॉल में अखिल भारतीय शैक्षिक विमर्श एवं नवाचारी शिक्षक सम्मान समारोह के इस कार्यक्रम में देश के लगभग 510 से अधिक नवाचारी शिक्षकों ने भाग लिया।
सम्मेलन के प्रथम दिवस पर मदरहुड विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो0नरेन्द्र शर्मा ने अपने विचार रखते हुए शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की प्रशंसा की।सुभाषी फाउण्डेशन के फाउण्डर अमित गुप्ता व उनकी टीम ने बच्चों के बीच समाज द्वारा अच्छी बातचीत करने पर जोर देते हुए कहा कि हमारी आसपास की बातचीत और गतिविधियों का बच्चे के व्यक्तित्व पर बहुत प्रभाव पड़ता है।
कार्यक्रम के संयोजक संजय वत्स,सह संयोजक ललित गुप्ता, अभ्युदय वात्सल्यम् समिति की अध्यक्ष डॉ0गार्गी मिश्रा ने सभी आमन्त्रित तथा चयनित शिक्षकों का स्वागत तथा अभिनंदन किया. प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय नई दिल्ली के निदेशक प्रो0अवनीश कुमार ने भाषाई कौशलों के विकास के बारे में जानकारी दी।
पुरस्कार वितरण सत्र के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने सम्मान पाने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए और उत्साह के साथ अपने काम में जुटने का आवाह्न किया. उत्तराखंड राज्य शैक्षिक तथा अनुसंधान परिषद की उपनिदेशक डॉ0पुष्पा रानी वर्मा ने शिक्षकों के नवाचारों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। देहरादून के ए डी एम डॉ0ललित नारायण मिश्रा ने ऐसे प्रयासों के आयोजन की सराहना की।।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रीन हिल स्कूल के प्रणेता डॉ0बीरेन्द्र रावत ने कहा कि ज्ञान को प्रकृति के साथ जोड़े तो वह ज्ञान स्थाई हो जाता है. उनका कथन था कि स्वतन्त्रता के इतने समय बाद तक भी भारत अपने भारतीयता के अनुकूल पाठ्यक्रम का निर्धारण नहीं कर पाया है और इसके लिए हम विदेशों की नकल करते हैं, जबकि विदेश परम्परागत भारतीय शिक्षण पद्धति का उपयोग कर दिनों दिन आर्थिक व नैतिक रूप से समृद्ध होता जा रहा है।
रा0प्रा0वि0जैली जखोली रूद्रप्रयाग के गवर्नर पुरस्कार प्राप्त शिक्षक माधव सिंह नेगी ने जनपद रूद्रप्रयाग का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने विद्यालय में किए जा रहे नवाचारों को साझा किया।अपने नवाचारों के लिए विख्यात शिक्षक माधव सिंह नेगी विगत सात वर्षों से अपने निजी व्यय पर विद्यालय पत्रिका शिशुलोक का प्रकाशन करते आ रहे हैं. जनपद तथा जनपद से बाहर के उत्कृष्ट शिक्षकों की खोज कर अब तक वे 29 शिक्षकों को उत्तरांचल शिशुलोक सम्मान प्रदान कर चुके हैं।
जनपद के सम्मानित होने वाले शिक्षकों में माधव सिंह नेगी, कुसुम भट्ट, दिनेश राणा, प्रमोद जगवाण, मीनाक्षी नेगी, गोपाल सिंह नेगी, सतेन्द्र भण्डारी, हेमंत चौकियाल, आनन्द प्रभा नेगी आदि थे. इस अवसर पर नगर निगम हरिद्वार के कई अधिकारी कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

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