फिल्मों के अनुकूल वातावरण के लिए उत्तराखंड को भारत सरकार द्वारा पुरस्कार, राष्ट्रपति करेंगे प्रदान

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देहरादून: सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ‘The Most Film Friendly State Award’ के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य को Special Mention Certificate for Film Friendly Environment पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उत्तराखण्ड राज्य को यह पुरस्कार राज्य में फिल्म शूटिंगों के लिए निर्माता/निर्देशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के प्रयासों के लिए दिया गया है। चूंकि उत्तराखण्ड अभी नया राज्य है और यहां पर चुनौतियां भी काफी हैं, इसके बावजूद उत्तराखण्ड राज्य सरकार द्वारा किये गये सकारात्मक प्रयासों की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर की गई है। प्रतिवर्ष दिये जाने वाले इस पुरस्कार के लिए सभी राज्यों से आवेदन आमंत्रित किये जाते हैं। जिसके बाद पुरस्कार चयन हेतु गठित समिति द्वारा पुरस्कार के लिए राज्यों का चयन किया जाता है। इस वर्ष इस चयन समिति के अध्यक्ष प्रसिद्ध फिल्म निर्माता/निर्देशक रमेश सिप्पी थे। पुरस्कारों की घोषणा सिप्पी द्वारा की गई है। यह पुरस्कार आगामी 03 मई, 2018 को भारत के राष्ट्रपति द्वारा नई दिल्ली में प्रदान किये जायेंगे।

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज कुमार पाण्डेय ने उत्तराखण्ड राज्य को पुरस्कार के लिए चयनित किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि, प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में परिषद के कार्यों में तेजी लायी गयी है। ज्ञातव्य है कि, उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के अध्यक्ष मुख्यमंत्री स्वयं है। पाण्डेय ने बताया कि, परिषद के माध्यम से फिल्म निर्माताओं को अधिक सुविधा मिले, इसके लिए पूरे प्रयास किये गये हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में प्रदेश में निर्मित होने वाली फिल्मों की शूटिंग में शुल्क को समाप्त किया गया है। इससे भी प्रदेश में फिल्म निर्माता एवं निर्देशकों को शूटिंग के प्रति रूझान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि, राष्ट्रीय स्तर के इस पुरस्कार के लिए उत्तराखण्ड राज्य का चयन हम सभी के लिए गौरव की बात है। परिषद का गठन वर्ष 2015 में ही हुआ है और अपने इस अल्प कार्यकाल में देश के अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए उत्तराखण्ड राज्य का इस पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।

पंकज पाण्डेय ने बताया कि, वर्ष 2015 से अब तक लगभग 100 से अधिक फिल्म निर्माताओं द्वारा फीचर फिल्म, टी.वी.सीरियल, डाक्यूमेंट्री, वीडियो एलबम आदि की शूटिंग राज्य में की गई है, जिन्हें उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद द्वारा सिंगल विडों के माध्यम से 7 दिन से भी कम समय के भीतर शूटिंग हेतु अनुमति प्रदान की गई है। इनमें कई बड़े बैनरों की भी कई फिल्मों की शूटिंग उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों में की गई है। जिसमें अजय देवगन प्रोडक्शन द्वारा निर्मित हिन्दी फिल्म ‘‘शिवाय’’, तिग्मांशु धूलिया निर्देशित राग देश, तेलगु फिल्म ‘‘ब्रहमोत्सवम’’, हिन्दी फिल्म ‘‘शुभ मंगल सावधान’’, सोनी टी.वी. पर प्रसारित सीरियल ‘‘बडे भैय्या की दुलहनिया, जी.टी.वी. पर प्रसारित धारावाहिक ‘‘पिया अलबेला’’, एम.टी.वी. पर प्रसारित होने वाला रियलिटी splitsvilla session 10, टी.वी. धारावाहित बेपनाह, मराठी फिल्म ‘‘फुर्र’’’ हिन्दी फिल्म ‘‘बत्ती गुल मीटर चालू’’ तथा हिन्दी फिल्म ‘‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर-2’’, अभिनेता जॉन इब्राहिम द्वारा निर्मित फिल्म ‘‘परमाणु’’, ‘‘रायफलमैन जसबंत सिंह रावत’’ के साथ ही उत्तराखण्ड क्षेत्रीय बोली की फिल्म ‘‘गोपी-भिना, भुली ए भुली, बद्री द क्लाउड, मेजर निराला आदि प्रमुख फिल्में और धारावाहिक की शूटिंग राज्य में हुई है।

बता दें कि, सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष ‘The Most Film Friendly State Award’ का आयोजन किया जाता है, जिसमें इस वर्ष 16 राज्यों ने प्रतिभाग किया था।

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