सी.आई.आई सरकार के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर अपनी जिम्मेदारियों का कर रहा है निर्वहन-मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

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देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सी.आई.आई द्वारा आयोजित उत्तर भारत वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि कोरोना महामारी से भारत ही नहीं बल्कि विश्व की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। देश में औद्योगिक गतिरोध उत्पन्न हुआ है, इस कान्फ्रेंस से नई आशा एवं विश्वास का संचार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 मार्च से प्रदेश में लॉक डाउन हो गया था। प्रदेशवासियों एवं उद्योग जगत ने संयम से लॉक डाउन का पालन किया है। उत्तराखंड में अभी तक कोरोना के 51 पाजिटिव मामले आए हैं, जिसमें से 33 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय जिले कोरोना के प्रभाव से मुक्त हैं।  त्रिवेंद्र ने कहा कि सी.आई.आई. समाज के सक्षम वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है और ऐसे समय में सी.आई.आई अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सरकार के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सी.आई.आई. की राज्य ईकाई निरन्तर राज्य सरकार के सम्पर्क में रही है। मुख्यमंत्री राहत कोष में भी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने अहम योगदान दिया है।

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि भारत सरकार के आदेश के बाद राज्य में उद्यमियों की सुविधा के लिए उद्योग के संचालन की अनुमति हेतु एकल खिड़की की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से 20 अप्रैल से अभी तक 1171 उद्योगों को संचालन की अनुमति दी गई है। लॉक डाउन की अवधि में कोविड-19 से सुरक्षा हेतु आवश्यक उपायों के दृष्टिगत आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन करने वाली ईकाइयों को बंदी से मुक्त रखा गया है। राज्य में फार्मा तथा खाद्य पदार्थ उत्पादन की 1884 ईकाइयों के संचालन की अनुमति दी गई है।

उन्होने कहा कि आई.टी.सी, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले, ब्रिटानिया व डाबर जैसे बड़े उद्योग अपना उत्पादन प्रारम्भ कर चुके हैं। ऑटो सेक्टर की टाटा मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प, अशोका ली लैंड व महिन्द्रा ने भी उत्पादन प्रारम्भ कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। कोविड-19 आपदा से राज्य की आर्थिकी पर पड़ रहे दुष्प्रभावों के निराकरण के लिए प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के विभिन्न उपायों एवं विकल्पों का त्वरित अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सेवानिवृत्त आई.ए.एस अधिकारी इन्दु कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है।

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त्रिवेन्द्र ने कहा कि सिडकुल औद्योगिक क्षेत्रों में लीज, रेंट के भुगतान की अन्तिम तिथि 30 अप्रैल 2020 से बढ़ाकर 30 जून 2020 तक विस्तारित किया गया है। लम्बित जल संयोजन/उपयोग प्रभार, सीवर शुल्क आदि भुगतान करने की तिथि 31 मई 2020 तक, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत सहमति के स्वतः नवीनीकरण की तिथि 30 जून 2020 तक बढ़ाई गई है। इसके अलावा भवन एवं अन्य निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को 2-2 हजार रूपये की वित्तीय सहायता दी गई है।  मार्च से मई 2020 तक औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं से फिक्स्ड/डिमाण्ड चार्ज के भुगतान में आस्थगन की सुविधा तथा विलम्ब से बिलों के भुगतान में लेट सरचार्ज में छूट एवं लॉक डाउन के दौरान विद्युत बिल भुगतान करने में असमर्थ रहने पर विद्युत संयोजन काटने पर रोक लगाई है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार एवं उद्योग निदेशक सुधीर नौटियाल भी उपस्थित थे।

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