उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री कमला रानी का निधन, बीते 15 दिनों से लखनऊ स्थित पीजीआई के एपेक्स ट्रामा सेंटर में चल रहा था इलाज

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार में कैबनेट मंत्री कमला रानी वरुण का कोरोना पोज़िटिव की वजह से निधन हो गया है। लखनऊ पीजीआई में उनकी मृत्यु हुई है। कमला रानी वरुण 18 जुलाई को कोरोना पॉजिटिव निकलीं थीं, जिसके बाद से उनका कोरोना का इलाज चल रहा था। लेकिन रविवार सुबह उनके निधन की खबर आई। वह घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थी। उनका जन्म लखनऊ में 3 मई 1958 को हुआ था। 

शादी के बाद उन्हें उनके पति किशनलाल ने बहुत प्रोत्साहित किया और उन्हीं के प्रोत्साहन पर वह आरएसएस द्वारा मलिन बस्तियों में संचालित सेवा भारती के सेवा केंद्र में बच्चों को पढ़ाने लगी और साथ ही गरीब महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई तथा बुनाई का ट्रेनिंग देने लगीं। यहां से लोगों के बीच उनकी पहुंच बढ़ने लगी और लोग उन्हें जानने-पहचानने लगे।

फिर वह पहली बार 1989 में कानपुर के द्वारिकापुरी वार्ड से भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीतीं और कानपुर नगर निगम पहुंची। इसके बाद वह दोबार 1995 में भी इसी वार्ड से पार्षद निर्वाचित हुईं। फिर, भाजपा ने उन्हें 1996 में घाटमपुर (सुरक्षित) संसदीय सीट से टिकट दिया और वह चुनाव जीत हासिल कर लोकसभा पहुंच गई। वह 1998 में भी यहां से चुनाव जीतीं।

1999 के लोकसभा चुनाव में उन्हें बसपा प्रत्याशी प्यारेलाल संखवार के हाथों 585 वोटों से हाल मिली थी। फिर, उन्हें साल 2012 में भाजपा ने रसूलाबाद, कानपुर देहात, विधानसभा सीट से टिकट दिया था, लेकिन वह जीत नहीं पाईं। 2015 में उनकी पति की मृत्यु के बाद साल 2017 में भाजपा ने उन्हें घाटमपुर सीट से चुनावी मैदान में उतारा और उन्होंने जीत हासिल की।

उनका बीते 15 दिनों से लखनऊ स्थित पीजीआई के एपेक्स ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा था। वे यूपी सरकार में प्राविधिक शिक्षामंत्री थीं। कमल रानी के शव का कानपुर में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर शोक जताया। योगी ने आज अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। आज यूपी में राजकीय शोक घोषित किया गया है।

मंत्री कमल रानी को पहले से डायबिटीज, हाइपरटेंशन और थायराइड से जुड़ी समस्या थी। उनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम हो गया था। हालांकि शुरुआत के 10 दिनों में उनकी तबीयत स्थिर रही, लेकिन पिछले 3 दिनों से अचानक स्थिति खराब होने लगी। शनिवार की शाम करीब 6 बजे तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद उन्हें बड़े वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। मंत्री की बेटी भी कोरोना पॉजिटिव थी। उसे शनिवार को ही ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया था।

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