Uttarakhand: उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये किए जा रहे हैं कारगर प्रयास, निर्यात से जुड़े उद्यमियों ऐसी योजना बनाये जो 2025 में हमारी उपलब्धि बने – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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देहरादून (Uttarakhand): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में निर्यात को बढ़ावा देने के लिये उत्पादक और निर्यातक को सहयोगी बनना होगा, राज्य के सीमान्त क्षेत्रों के लोगों को निर्यात की गतिविधियों से जोड़ने से यहां के उत्पादों की स्वीकार्यता बढ़ेगी तथा उत्पादकों तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि निर्यात संवर्धन से सम्बन्धित सेमिनारों की तभी सार्थकता बढ़ेगी जब सभी इसमें साझीदार बने, राज्य सरकार इसमें सहयोगी की भूमिका में रहेगी।
शुक्रवार को मालसी देहरादून स्थित एक होटल में उत्तराखण्ड में निर्यात को बढ़ावा देने से सम्बन्धित संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये कारगर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में उद्योगों के अनुकूल वातावरण है। हमारा प्रदेश देवभूमि के साथ आध्यात्म, योग व शांति की भूमि है। कानून व्यवस्था अनुकूल होने से उद्योगों के साथ निवेश से जुड़े उद्यामियों के लिये माहौल बेहतर है। उन्होंने निर्यात से जुड़े उद्यमियों का आह्वान किया कि वे ऐसी योजना बनाये जो 2025 में हमारी उपलब्धि बने।
मुख्यमंत्री ने ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव“ के अंतर्गत फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन तथा इंडिया एक्ज़िम बैंक द्वारा संयुक्त रूप से उत्तराखंड से निर्यात को बढ़ावा देने से सम्बन्धित संगोष्ठी के आयोजन को राज्य हित में बताते हुए कहा कि यह पहल सभी हितधारकों और संस्थानों को एक साथ लाने में मददगार होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “लोकल गोज़ ग्लोबल-मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड“ का नारा दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि निर्यात देश के विकासशील से विकसित स्थिति में आने की सीढ़ी है। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है। विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्ति बनने के साथ ही दुनिया का नेतृत्व करने वाला देश बना है। विश्व में कोई घटना हो उसमें भारत के रूख और सोच को महत्व दिया जाता है। कोरोना काल में जब दुनिया भारत को जिम्मेदारी मान रही थी, उसे नुकसान होने की बात कर रही थी तब 130 करोड़ देशवासियों को एक साल के अन्दर दो-दो वैक्सीन तैयार कर 200 करोड़ लोगों को वैक्सीन उपलब्ध करायी गई। 80 करोड़ लोगों को निशुल्क खाद्यान्न की व्यवस्था की गई। जब लीडर व प्रबन्धन अच्छा होता है तो उसके बेहतर परिणाम सामने आते हैं। आज का भारत नया भारत है। शक्तिशाली व समरथ भारत हर दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने वर्ष 2021-22 में 422 बिलियन अमरीकी डालर का सर्वकालिक उच्च वार्षिक व्यापारिक निर्यात हासिल किया। प्रधानमंत्री ने कहा है कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का है। हम 2025 तक विकल्प रहित संकल्प के साथ उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। हमने अगले पांच वर्ष में राज्य की जीडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य लिया है। इसमें निर्यात पर विशेष रूप से फोकस करना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में उत्तराखण्ड अपने प्रगतिशील नीतिगत ढांचे, गुणवत्तापूर्ण जनशक्ति की उपलब्धता, उत्पादन के सस्ते कारकों तक पहुँच और राष्ट्र के महत्वपूर्ण बाजार से निकटता के कारण पसंदीदा निवेश गंतव्य बनने की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सेवा क्षेत्र के योगदान में सुधार पर भी ध्यान दे रही है। पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिया है। राज्य में पांच सितारा होटलों की स्थापना के भी प्रयास किये जा रहे हैं उद्योग और आंतरिक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभाग डीपीआईआईटी द्वारा आयोजित बिजनेस रिफॉर्म एक्शन पॉइंट रैंकिंग में उत्तराखंड शीर्ष राज्यों में से एक है। राज्य ने सभी लाइसेंस प्राप्त करने और संचालन शुरू करने के लिए अनुमोदन प्राप्त करने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को वन-स्टॉप शॉप के रूप में भी शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में विश्व स्तरीय एकीकृत औद्योगिक एस्टेट विकसित किया गया है। राज्य में पंतनगर और काशीपुर में 2 आईसीडीएस और पंतनगर में 1 मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क है। राज्य के देहरादून और पंतनगर हवाई अड्डे को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा बनाने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। हवाई यात्रा को बढ़ावा देने के लिये टर्बो फ्यूल में 18 प्रतिशत की कमी की गई है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, ऑल वेदर चारधाम रोड परियोजना और भारतमाला सड़क परियोजना परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टीवीटी बढ़ेगी। पड़ोसी राज्यों और राज्य के भीतर सड़क कनेक्टीवीटी में हाल के दिनों में काफी सुधार हुआ है। राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा, अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारा और दिल्ली मुंबई औद्योगिक गलियारा से व्यापार और निर्यात को बढावा मिलेगा।
राज्य में अरोमा पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर, फार्मा सिटी 2, प्लास्टिक पार्क विकसित किये जा रहे है। राज्य से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, “उत्तराखंड निर्यात नीति“ का मसौदा भी तैयार किया गया है। राज्य ने निर्यात के लिए एक जिला दो उत्पाद (ओडीटीपी) चिन्हित फोकस क्षेत्रों की भी पहचान की है। राज्य ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है उनमें कृषि और बागवानी, स्वास्थ्य और आयुष, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, पर्यटन और आतिथ्य, हथकरघा और हस्तशिल्प एवं शैक्षिक सेवाएं प्रमुख है।
उद्योग डॉ. पंकज कुमार पाण्डे ने प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
इस अवसर पर फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आरगेनाइजेशन के रीजनल चेयरमैन अश्वनी कुमार, इंडियन एक्जिम बैंक की एमडी सुश्री हर्षा बंगारी आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल, भारतीय आयात निर्यात बैंक के तरूण शर्मा सहित विभिन्न संस्थानों से जुड़े लोग उपस्थित थे।

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