बीजेपी सरकार के 100 दिन की उपलब्धियों पर कांग्रेस का हल्लाबोल

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देहरादून

सुनीता राजपूत

डबल इंजन की सरकार को बने हुए 100 दिन पूरे हो गये है। इस मुद्दे पर जब हैलो उत्तराखण्ड ने बीजेपी पार्टी से प्रतिक्रिया ली तो उन्होने कहा कि जो प्रदेश की जनता से वादा किया था उसी राह पर सरकार आगे बढ रही है और हमारी दौड बहुत लंबी है बीजेपी सरकार छोटी रेस के लिए नही बनी है। प्रदेश को भ्रष्टाचार और भयमुक्त बनाना ही हमारा उद्देश्य है। इसी के साथ उन्होने अपने 100 दिन के कार्य उंगलियों पर गिनाये जो इस प्रकार हैं-

काग्रेंस सरकार के दौरान हुआ एन एच 74 घोटाला जो लगभग 400 करोड आकां जाता है, उसमें से 6 उपजिला अधिकारी निरस्त होने के बाद उस जाचं को सीबीआई को दे दिया गया। जबकि विपक्षी होकर हम बोलते रहे कि इसकी जांच कराई जाए पर पूर्ववर्ती सरकार ने जांच नही कराई।
3 यूनिर्वस्टीयों को उत्तराखण्ड में लाया गया जिसमें -नेशनल इंस्टीट्युट आफ फैशन टैक्नालाजी, सेन्ट्रेल इंस्टीट्युट आफ प्लास्टीक इंजीनियरिंग, और हाॅस्पीटेलीटी यूनिर्वस्टी सम्मिलित हैं।
काग्रेंस बार-बार केन्द्र सरकार को बदनाम कर रही थी कि केन्द्र सरकार पैसा नही दे रही, अब पता लगा कि नीति आयोग द्वारा जो क्वारीज मंागी गई थी जिसका काग्रेंस सरकार ने क्लेरिफिकेशन ही नही दिया, लेकिन हमारी सरकार ने क्लेरिफिकेशन देकर मात्र उन्ही पैसे को 2 महिनो में प्रात्त कर लिया ।
करेप्शेन को रोकने का एक बडा उदाहरण देें तो काग्रेंस के राज्य में हरिद्वार से एक साल 13 करोड रूपये का राजस्व आया है , और हमारे समय में मात्र 14 दिनों के लिए खनन खुलने से 24 करोड रूपये राजस्व प्राप्त हुआ। जिससे हिसाब लगाया जा सकता है कि काग्रेंस के समय में कितना बडा घोटाला होता था।
ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे लाइन, टनकपूर से पिथैरागढ/बागेश्वर एंव रामनगर चैउखुटिया तक रेल लाइन बनेगी, चैखटिया वाली लाइन बनेगी, 120 करोड रूपये चार धाम रेललाइन एडवांस सर्वे के लिए अभी-अभी प्राप्त हुए हैं जिसका श्री गणेश भी कर दिया है, 16-17 सौ करोड रूपये पहले ही मिल गया है। आलॅ वेदर रोड 12 हजार करोड की परियोजना भी शमिल है। देहरादून, हल्द्वानी एंव हरिद्वार को जल्द मिलेगी रिंग रोड गढवाल और कुमाउ के लिए खुलेगी कंडी मार्ग। भारत सरकार से 22 सडकों को राष्ट्रीय हाइवे बनाने को मिली स्वीकृति।
देहरादून स्थित जोलीग्रांट हवाई अड्डे को अंर्तराष्टीय बनाया जाएगा। जोलीग्रांट, पंतनगर, चिन्यालीसौड़, नैनीसैनी एंव गोचर हवाई अड्डों से नयी हवाई सेवा होगीं प्रारंभ। आपदा की स्थिति में त्व्रत कार्यवाही व यात्रियों की सुरक्षा के लिए 30 हैलीपैडों का निर्माण प्रस्तावित।
नमामी गंगे परियोजना में 14 अरब के काम पूरे देश में स्वीकार हुए है जिसमें 20 कार्य होने है और इन 20 कार्य में से 13तो उत्तराखण्ड की ही परियोजनाएं है।
1100 पटवारीयों की भर्ती का निर्णया लिया गया है, हमारे यहां 95 तहसील हैं और तहसीलदार 5 हैं तो सोचिए क्या स्थिति काग्रेंस ने की है, तहसील और उपतहसील लगातार खोलते गए जबकि तहसीलदार मात्र पांच, पटवारियों की कमी हमारे सामने खडी होती चली गई सारा सिस्टम खराब होता गया।

5 करोड तक के जितने भी काम होगें वो लोकल ठेकेदार करेगें। जबकि ये टेंडर पहले बाहरी ठेकेदारों को दिया जाता था और वों बाहरी ठेकेदार यहीं के लोकल लोगों से काम कराते थे, जब यहां लोकल लोगों को ही काम करना है तो क्यों ना सीधे टेंडर उनको ही दिया जाए।

श्रीनगर मेडिकल कालेज सेना को दे दिया है और हमने यह भी प्रस्ताव रखा है कि सेना के 60 साल में रिटायर्ड होने वाले ड़ाॅक्टर 70 साल तक हमारे यहां काम करेगें क्योकि वो फिजिकली बहुत फिट होते हैं जिससे डाॅक्टरो की किल्लत पूरी हो सकेगी। करीब 250 ड़ाॅक्टर को भी हमने भर्ती किये हैं। मुखमंत्री ने बहुत सख्त रूख अपनाया है उन्होने कहा है कि कोई अर्जी दो या कुछ भी करो डाक्टरों को पहले वहां नियुक्त किया जाएगा जहां ड़ाॅक्टरों की कमी है।

हमारे पास मेथ,अग्रेजी, ज्वेलोजी, फिजिक्स के अध्यापकों की बहुत बडी कमी है तो ऐसे में हमारे प्रदेश के बच्चे पूरे देश के साथ कैसे मुकाबला करेगें । अब हमारी प्राथमिकता यही है कि अध्यापकों की कमी पूरी हो, जिसके लिए जल्द अध्यापकों की भर्ती होगीं। पूरी व्यवस्था को काग्रेंस सरकार ने तहस-नहस कर डाली चाहे आपदा के मामले में हो , चाहे अन्य मामलों में हो तो अब धीरे-धीरे उसे हम पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।

भारत/नेपाल के संयुक्त उपक्रम पंचेश्वर बांध के विकास के लिए अलग प्राधिकरण जिससे सिंचाई सुविधाओं का होगा विस्तार, और 6 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, साथ ही उत्तराखण्ड को 6 हजार मिलियन यूनिट बिजली भी मिलेगी जिसमें से 120 मेगा बाट क्षमता की व्यासी परियोजना पर कार्य पहले ही प्रांरभ हो चुका है। 300 मेगा वाॅट की लखवाड परियोजना पर शीघ्र ही कार्य शुरू होगा।

इसी सिलसिले में हैलो उत्तराखण्ड ने जब काग्रेंस सेे बीजेपी के 100 दिन पूरे हाने पर प्रतिक्रिया ली तो काग्रेंस ने हल्ला बोलते हुए कहा कि भयमुक्त सरकार के अपने वायदे पर अमल करने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। राज्य सरकार के 100 दिन के कार्यकाल में राज्य में हत्या, लूट-पाट, चोरी, डकैती, बलात्कार, चेन स्नैचिंग, टप्पेबाजी आदि अपराधों की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है। राज्य की जनता में भय का वातावरण व्याप्त है तथा महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। जिसके चलते बीजेपी सरकार की नाकामियों को गिनाया-

कांग्रेस शासन में गेहूं 4 रूपये किलो तथा चावल 9 रूपये किलो मिलता था उसके दाम बढ़ाकर गेहूॅं 8.60 रूपये किलो तथा चावल के दाम 15 रूपये प्रति किलो कर दिये गये हैं।

केन्द्र सरकार द्वारा सस्ते गल्ले के माध्यम से वितरित की जाने वाली चीनी और मिट्टी के तेल पर मिलने वाली सब्सिडी को बन्द कर दिया गया है।

राज्य में पूर्ववती कांग्रेस सरकार द्वारा संचालित राज्य खाद्य्य योजना की राशन की मात्रा में भी कमी कर दी गई है जिससे कई परिवारों के सामने भरण-पोशण का संकट पैदा हो गया है।

100 दिन के कार्यकाल में दो बार बिजली के दाम, पानी, सीवर के दाम बढ़ा दिये गए हैं।

गरीबों को अस्पताल में मिलने वाली सुविधा में कटौती ।

चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने दृष्टि पत्र में राज्य की जनता से वायदा किया था कि सरकार बनने की दषा में किसानों के कर्ज माॅफ किये जायेंगे, किसानों को ब्याज रहित ऋण दिया जायेगा तथा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान 15 दिन के अन्दर किया जायेगा। राज्य सरकार अपने इन तीनों वायदों से मुकर गई है। जिसके चलते पिथौरागढ़ के बेरीनाग ब्लाक के डौल डुंगर गांव के किसान सुरेन्द्र सिंह को आत्महत्या का रास्ता चुनना पड़ा।

राज्य सरकार की आबकारी नीति पूर्ण रूप से शराब माफिया को संरक्षण देने,श्षराब की तस्करी को बढ़ावा देने तथा उत्तराखण्ड के गांवों में हर घर तक शराब पहुंचाने वाली है। भारतीय जनता पार्टी और उसके नेतागण आबकारी नीति को लेकर पूर्ववर्ती कांगे्रस सरकार पर आरोप लगाते नहीं थकते थे परन्तु भाजपा ने सत्ता में आते ही जनभावनाओं के विपरीत आबकारी नीति बनाने का काम किया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा शराब के कारोबार को कम करने का आश्वासन देने के बावजूद राज्य सरकार द्वारा शराब से मिलने वाले राजस्व का लक्ष्य 1800 करोड़ से बढ़ाकर 2300 करोड़ कर शराब माफिया के आगे घुटने टेकने का काम किया।

राज्य सरकार द्वारा पांच पर्वतीय जिलों में देशी शराब की बिक्री शुरू कर पर्वतीय क्षेत्र में देषी शराब को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। तथा राज्यभर में मातृशक्ति द्वारा शराब नीति के खिलाफ चलाये जा रहे आन्दोलन को बल पूर्वक कुचलने के साथ ही आन्दोलन में सम्मिलित महिलाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर मातृ षक्ति को अपमानित किया जा रहा है।

दिनांक 24 मार्च 2017 को रामनगर वन प्रभाग में कार्यरत कर्मी पहलवान सिंह की अवैध खनन में लिप्त अपराधियों द्वारा ट्रैक्टर के नीचे दबाकर हत्या कर दी गई।

राज्य में चल रही चारधाम यात्रा में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। अधिकारियों एवं यात्रा से सम्बन्धित विभागीय मंत्री में आपसी सामंजस्य न होने के कारण यात्रियों के पंजीकरण, यात्रा मार्ग पर परिवहन, स्वास्थ्य, दूर संचार व्यवस्थायें पूर्ण रूप से चरमराई हुई हैं। यात्रा मार्ग पर अव्यवस्थाओं के कारण अभी तक लगभग 31 यात्रियों की जान जा चुकी है।

हैली टेण्डर सेवा में ऐसी कम्पनियों को राज्य में हैलीकाॅप्टर उडाने की अनुमति दी गई जिनके अनुभव एवं क्रिया-कलाप पर निरंतर प्रष्न खड़े हो रहे हैं तथा राज्य सरकार एवं जिला प्रषासन की जानकारी में आने के बावजूद निर्धारित दरों से दोगुनी दरों पर यात्रियों से अवैध तरीके से वसूली की जा रही है और प्रशासन मौन है।

प्रत्येक वर्ष बजट का आकार बढ़ाया जाता है परन्तु पहली बार ऐसा हुआ है जब पिछले वर्ष की तुलना में बजट के आकार को घटाया गया है। बजट में ऐसे विभाग जो गांव, गरीब, दलित व कमजोर तबके को लाभ पहुंचाने वाले हैं उनके बजट जैसे कृशि विभाग, समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी तथा पंचायतों के बजट में भारी कटौती की गई है। पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया, बजट में नौजवानों के भविश्य की घोर उपेक्षा की गई है।

राज्य में स्थानान्तरण एक्ट एवं लोकायुक्त एक्ट को बिना कारण लम्बित किया जा रहा है।

गैरसैंण उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन की भावना है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण की अवधारणा को साकार रूप देने एवं जनभावनाओं के अनुरूप गैरसैण में विधानसभा भवन का निर्माण करवाते हुए माह नवम्बर, 2015 में गैरसैण में विधानसभा सत्र आहुत किया गया इसी के साथ राज्य विधानसभा में वर्श 2017 का बजट सत्र गैरसैण में आहुत करने का संकल्प पारित किया गया था। परन्तु वर्तमान सरकार ने मा. सदन की भावना के विपरीत बजट सत्र देहरादून में आहुत कर राज्य निर्माण की भावना का अपमान किया है।

प्रदेश वासियों की तो बस एक ही गुहार है कि सत्ता में भले ही किसी की भी सरकार हो परंतु प्रदेश का विकास होना चाहिए ना कि राजनीति का। राजनीति के आरोप-प्रत्यारोप की बोछार को परे रख प्रदेश हित मे कार्य हो तो प्रदेश में 100 दिन का जश्न नही मनाया जाएगा बल्कि हर एक एक दिन जश्न का होगा और सही मायने तभी प्रदेश का विकास होगा।

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