60 लाख का इंश्योरेंस हडपने के लिए की पत्नी की हत्या, 2014 में किया था प्रेम विवाह

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देहरादून: राजधानी दून के थाना पटेलनगर क्षेत्र में रिश्तों को शर्मशार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक कलयुगी पति ने कुछ पैसों के लालच में अपनी ही पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। जबकि, 2014 में ही दोनों ने प्रेम विवाह किया था।

मामले के अनुसार, 23 जुलाई 2017 को थाना पटेलनगर के अंतर्गत टर्नर रोड़ पर नीतू उर्फ विधि पत्नी आकाश ठक्कर निवासी टर्नर रोड़ की सदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गयी थी। जिसका मृतका के पति आकाश ठक्कर द्वारा मृतका की माता पुष्पा देवी एवं पुलिस को कोई सूचना नही दी गयी एवं शव का बिना पोस्टमार्टम के उसका अन्तिम संस्कार कर दिया गया था। जिस सम्बन्ध में मृतका की माता पुष्पा देवी पत्नी सुभाष सचदेवा निवासी सन्तोषी माता का मन्दिर आजाद नगर पनियाला रोड़ रुड़की हरिद्वार द्वारा अपनी पुत्री की मृत्यु को संदिग्ध मानते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को करीब 8 माह बाद एक प्रार्थना पत्र दिया गया, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जांच करायी गयी तो जाँच अधिकारी द्वारा इस घटना को संदिग्ध पाते हुये मामले में अभियोग पंजीकृत करने की संस्तुति की गयी। जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना पटेलनगर पर अभियोग पंजीकृत किये जाने के आदेश पारित किये गये। जिसके क्रम में दिनांक 30 मार्च 2018 को थाना पटेलनगर पर मुअसं 140/18 धारा 302 भादवि बनाम आकाश ठक्कर आदि पंजीकृत किया गया, जिसकी विवेचना प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर सूर्यभूषण नेगी के आदेशानुसार व.उ.नि. विपिन बहुगुणा, थाना पटेलनगर के सुपुर्द की गयी एवं विवेचना किये जाने के निर्देश दिये गये।

जाँच के दौरान प्रकाश में आये तथ्य

इस घटना में मृतका विधि ठक्कर एंव आकाश ठक्कर अपने बच्चे के साथ 1 टर्नर रोड़ पर सुमन सहगल के मकान पर किराये पर रहते थे, जहाँ आकाश ठक्कर द्वारा एक गिफ्ट सेण्टर खोला था तथा मृतका विधि ठक्कर आस-पास की महिलाओं को एरोबिक सिखाती थी। आकाश ठक्कर एंव विधि ठक्कर का वर्ष 2014 में आपसी प्रेम विवाह हुआ था, जिससे क्षुब्ध होकर आकाश ठक्कर एंव विधि ठक्कर के परिजनो द्वारा दोनो से रिश्ता तोड़ दिया था। वर्ष 2016 मे दोनो के मध्य किसी बात को लेकर लडाई झगड़ा होने लगा, जिससे 20 जनवरी 2016 को आकाश व विधि का तलाक हो गया, परन्तु अपने बेटे वत्स ठक्कर के कारण आकाश एंव विधि उक्त मकान पर साथ रहते थे। 23 अप्रेल 2017 को विधि ठक्कर की अचानक मृत्यु हो जाती है। आकाश ठक्कर द्वारा आस-पास के लोगो एवं रिश्तेदारो को बताया कि विधि ठक्कर की मौत ब्रेस्ट कैंसर होने के कारण हुयी है। मुकदमा पंजीकृत होने के फलस्वरुप विवेचक उ.नि. विपिन बहुगुणा द्वारा पाया कि, विधि टक्कर को किसी प्रकार की कैंसर की शिकायत नही थी, यह भी पाया कि आकाश ठक्कर ने तलाक लेने के बाद 5 अप्रेल 2017 को विधि ठक्कर का 60 लाख का इश्योरेंस करवाया गया है, जिसमें उसने खुद को नोमिनी बनाया है। विधि ठक्कर की मौक के ठीक 15 दिन बाद आकाश ठक्कर द्वारा उक्त 60 लाख रूपये पाने के लिये इश्योंरेंस क्लेम फार्म भरकर आईसीआईसीआई कम्पनी को दिया गया, जिसमें उसने अंकित किया कि विधि ठक्कर की मौत प्राकृतिक हुयी है, परन्तु जांच की डर से कुछ समय बाद उक्त क्लेम लेने से आकाश ठक्कर ने मना कर दिया, जिसके लिये उसने बताया कि विधि ठक्कर को ब्रेस्ट कैंसर था। दौराने विवेचना यह भी पाया गया कि विधि ठक्कर को अपने पूर्व पति अमित शाह से तलाक के दौरान 15 लाख रूपये मिले थे, जिसमें से 9 लाख रूपये आकाश ठक्कर ने रखे थे और आकाश ठक्कर से तलाक के बाद विधि ठक्कर आकाश से उन पैसों का तकाजा कर रही थी। आकाश पैसों की तंगी से गुजर रहा था, जिस कारण से उसके द्वारा विधि से निजात पाने और अपनी आर्थिक तंगी दूर करने के लिये विधि को अपने रास्ते का षडयन्त्र रचा। यह तथ्य प्रकाश में आने पर क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर को अपने निर्देशन में दो टीमें गठित कर घटना के अनावरण के निर्देश दिये गये।

घटना के अनावरण हेतु की गई कार्यवाही

प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर सूर्य भूषण सिंह नेगी के नेतृत्व में व.उ.नि. पटेलनगर विपिन बहुगुणा द्वारा साक्ष्यों को संकलित कर एवं तमाम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, दस्तावेजी साक्ष्य एवं संबंधित के लिए बयानात से प्राप्त साक्ष्य के आधार पर 23 जुलाई 2018 को घटना में संदिग्ध आकाश ठक्कर से पूछताछ की गई तो उसके द्वारा बताया गया कि मैंने वर्ष 2014 में अपनी दूसरी पत्नी विधि से प्रेम विवाह किया था, जिसके लिए मैंने अपनी पहली पत्नी साक्षी से तलाक ले लिया था। विधि को अपने पूर्व पति से 15 लाख रुपए मिले थे, जिसमें से 9 लाख उसने मेरे खाते में डाले थे। वर्ष 2016 में विधि का एक लड़के के साथ अफेयर शुरू हो गया था तथा वह अपने पहले पति अमित के साथ भी मिलने जुलने लगी थी। इस कारण से वह परेशान रहने लगा था एवं विधि अपने पैसे वापस करने की मांग करने लगी थी, जिससे उसने विधि की सहमति से न्यायालय के माध्यम से संबंध विच्छेद कर लिया था, किंतु उसके बाद भी उसकी पत्नी विधि उसके साथ रहती थी। पूछताछ में आकाश ठक्कर द्वारा बताया गया कि उसके व विधि के बीच की सारी बातें उसके दोस्त अखिल पुत्र किशनलाल निवासी सहारनपुर को पता थी। अखिल ने उक्त सारी बात बताने के बाद अखिल ने उससे कहा कि वह विधि से उसका छुटकारा करा देगा किंतु पैसे खर्च करने पड़ेंगे। उसके बाद अखिल एवं आकाश ठक्कर ने षड्यंत्र रच करके पहले कोई टर्म इंश्योरेंस विधि के नाम पर करवा देते हैं फिर उसकी प्राकृतिक रूप से मृत्यु दिखाकर मोटी धनराशि से मिल जाएगी। इसके बाद उसने 60 लाख का term Insurance अप्रैल 2017 में करवा दिया, जिसका नॉमिनी वह स्वयं ही बन गया। इसके बाद अखिल द्वारा आकाश की मुलाकात डॉक्टर अंकुर सहारनपुर से करायी, जिसने आकाश को बताया कि वह धीरे-धीरे जहर देगा जिससे विधि की मौत हो जाएगी। फिर अंकुर द्वारा कुछ गोली आकाश को दी गई जो उसने विधि को माह जून 2017 देनी शुरू कर दी। इससे विधि की तबीयत खराब हो गई, उसे मैक्स हॉस्पिटल में योजना के मुताबिक भर्ती किया गया। फिर मैक्स हॉस्पिटल में आकाश द्वारा अखिल एवं विक्रांत के माध्यम से अंकुर द्वारा दिए गए इंजेक्शन को लगाकर विधि की हत्या कारित करने का प्रयास किया गया, परंतु वह उसमें सफल नहीं हो सके। इसके बाद पुनः आकाश ने अखिल के माध्यम से सूर्या नर्सिंग होम मोदीपुरम मेरठ में कंपाउंडर कपिल उर्फ कुलदीप एवं राजेंद्र से संपर्क कर पुनः योजना बनाई गयी। योजना के मुताबिक 22 जुलाई 2017 की रात को विधि ठक्कर को पहले ग्लूकोस की ड्रिप में नशे के इंजेक्शन दिए गए और रात को 3:30 बजे के आसपास आकाश के कमरे में कपिल एवं विक्की द्वारा जाकर तकिये से विधि का मुंह दबा कर उसकी हत्या कर दी। इस पूरे षड्यंत्र के लिए आकाश ठक्कर द्वारा सभी अभियुक्तों को  4 लाख की सुपारी दी गई थी। आकाश एवं अखिल के बीच यह भी तय किया गया था कि यदि इंश्योरेंस क्लेम 55 लाख प्राप्त होगा तो अखिल उसमें से 15 लाख लेगा और यदि 50 लाख प्राप्त होगा तो 10 लाख रुपए प्राप्त करेगा।

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