उत्तराखंड में कल कैबिनेट में हुए फैसलों की जानकारी

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देहरादून: त्रिवेंद्र कैबिनेट में हुए कल के फैसले इस प्रकार रहे जिसमें कैबिनेट में 15 विषयों पर निर्णय लिया गया।
  • कुम्भ मेला हरिद्वार 2021 कार्य के गति को तीव्र करने के लिये मेलाअधिकारी को 2 करोड़ और आयुक्त को 5 करोड़ तक के कार्य कराने की स्वीकृति दी गयी तथा मेलाअधिकारी स्वीकृत कार्यों को 50 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं। इसके अतिरिक्त टैंडर की अवधि 7 दिन करने की अनुमति तथा कार्य को दो भाग में विभाजित करने की अनुमति दी गयी
  • संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिये संस्कृति शिक्षा के अन्तर्गत 155 शिक्षकों को प्रबंधकीय व्यवस्था के तहत जो 5 वर्षों से अधिक से पढ़ा रहे हैं, उन्हें 15,000 रू., जो 5 वर्ष से 10 वर्ष की अवधि से पढ़ा रहे हैं उन्हें 25,000 रू. और जो 10 वर्ष से अधिक समय से पढ़ा रहे हैं उन्हें 30,000 रू. प्रतिमाह दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त जो यू.जी.सी मानक के अनुसार पी.एच.डी एम. फिल करने वालों को 5,000 रू. अतिरिक्त धनराशि दी जायेगी।
  • अल्मोड़ा, विकास खण्ड चौखुटिया के अंतर्गत दिगौत स्थित सिंचाई खण्ड रानीखेत की भूमि को केन्द्रीय विद्यालय स्थापना हेतु 0.25 हैक्टेयर की निःशुल्क भूमि दी जायेगी जिसकी लागत 21 लाख 65 हजार है।
  • चालू वित्त वर्ष के बजट से अनुसूचित जाति की नौवीं, दसवीं छात्रवृत्ति के अन्तर्गत पिछले वर्ष 2017-18, 2018-19 के संदर्भ में केन्द्र से छात्रवृत्ति न मिलने के कारण 22 हजार 492 छात्र वंचित थे, उनकी मांग के अनुसार मिले कम पैसे का भुगतान की अनुमति राज्य सरकार ने दी है। यह धनराशि 3 करोड़ 79 लाख है।
  • चालू वित्त वर्ष के बजट में ओ.बी.सी छात्रवृत्ति योजना में केन्द्र राज्य पोषित योजना के अन्तर्गत 4 करोड़ 36 लाख 17 हजार रू. स्वीकृत किया गया है।
  • उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद में तकनीकी, अभियंत्रण विंग का गठन हेतु 6 तकनीकि पदों का सृजन किया गया
  • राजकोषीय बजट नियोजन एवं संसाधन निदेशालय उत्तराखण्ड में बजट सलाहकार के निसंवर्गीय पद के सृजन एवं उक्त पद के सापेक्ष तैनाती को 28 फरवरी, 2021 तक अनुमति दी गई है।
  • उत्तराखण्ड राज्य औषधी नियंत्रण सेवा नियमावली, 2020 को स्वीकृति दिया गया।
  • शासकीय विभागों में विविध निर्माण कार्यों के सम्पादन हेतु कार्यदायी संस्थाओं के निर्धारण के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम और उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निगम को लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ तक के कार्य करने की स्वीकृति दी गई। यह शहरी निकाय, प्राधीकरण के अन्तर्गत कार्य करने पर सेंटेज चार्ज नहीं लेगा।
  • कोविड काल में छात्रवृत्ति का 100 प्रतिशत भौतिक सत्यापन ना होने के कारण जिलाधिकारी को अधिकार दिया गया कि रैंडम आधार पर 10 प्रतिशत लिस्ट का सत्यापन कर लेंगे।
  • छात्रवृत्ति के सम्बन्ध में ऑनलाइन फॉर्म भरते समय त्रुटि पर फॉर्म को निरस्त नहीं किया जायेगा बल्कि त्रुटि ठीक करने का अवसर दिया जायेगा।
  • राज्य में कम्यूनिटी एक्सन थ्रो प्रोग्राम कैम्प द्वारा संचालित 108 आपातकालीन सेवा अनुबंध को नवीनीकृत करके पुनः स्वीकृति दी गयी जिसका भुगतान पूर्व के रेट पर होगा
  • उत्तराखण्ड पंचायती राज अधिनियम के तहत जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत चुने जाने पर निकाय बन जाने पर सदस्यता समाप्त नहीं होगी बल्कि वे उस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे।
  • कुम्भ मेला हरिद्वार 2021 के दौरान साधू महात्माओं द्वारा देहावसान की जाने की स्थिति में समाधि स्थल हेतु ध्यान कुंज के समीप हरिद्वार में 4.384 हैक्टेयर सिंचाई की भूमि आवंटित की गई है।
  • उत्तर प्रदेश राज्य के आवंटित ऐसे कार्मिक जो दीर्घ अवधि से उत्तराखण्ड राज्य में कार्यरत हैं उनको राज्य सेवा संबंधी लाभ इस शर्त के साथ दिया जायेगा कि यहां की वरिष्ठता के क्रम में निचले स्तर पर रहेंगे।

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