बुजुर्ग पिता ने बेटे की मौत के मामले में न्याय न मिलने से बनाया आत्मदाह का मन

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रुद्रप्रयाग: रोजगार का एक मात्र जरिया अपने पुत्र को खोने के बाद बुजुर्ग पिता अब न्याय पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर बना हुआ है। सरकारी मशीनरी है कि इस बुजुर्ग पिता की फरियाद को सुनने को तैयार ही नहीं है और सब दरवाजों से हार के आ चुके बुर्जुग पिता ने न्याय न मिलने को लेकर आत्मदाह का मन बना दिया है।
जनपद के अतिदूरस्थ क्षेत्र बच्छणस्यूं के ग्राम कमोल्डी निवासी भूपाल सिंह के परिवार को पालने वाले बेटे मदन सिंह ने विगत वर्ष 26 जून 2016 को नौकरी से तंग आकर जहरीला पदार्थ खा दिया था और चण्डीगढ में उसकी मृत्यु हो गयी थी। मदन सिंह चण्डीगढ के एक होटल सेंट्रल पार्क सैक्टर 17 में वेटर का कार्य करता था और अपनी मौत से पहले उसने होटल प्रबन्धन पर मानसिक शोषण के गम्भीर आरोप अपनी फेसबुक साइट पर लगाये थे। मानसिक व आर्थिक शोषण के बाद मदन सिंह ने आत्म हत्या कर दी थी जिस पर परिजनों द्वारा पीजीआई चण्डीगड में जमकर हंगामा भी काटा गया था।
तब से लेकर आज तक पीडित परिवार के बुजुर्ग सभी जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के दरवाजों को खटखटा चुके हैं, मगर कहीं से भी न्याय नहीं मिल पा रहा है। ना तो पुलिस तब से इस मामले को सुलझा पायी है और ना ही कोई राजनेता उनके मृतक बेटे को न्याय दिला पाये हैं। मृतक के पिता 60 वर्षीय बुजुर्ग है और माता भी बीमारी से ग्रस्त है। मुख्यालय से काफी दूर होने व पारिवारिक स्थिति ठीक न होने के कारण इन बुजुर्गों को अभी तक भी न्याय नहीं मिल पाया है। सब दरवाजों से थक चुके इन बुजुर्ग ने अब अपने बच्चे को न्याय दिलाने के लिए मीडिया से मदद मांगी है और स्पष्ट किया है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वे डीएम आॅफिस के सामने आत्मदाह कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर देंगे। आर्थिकी के एक मात्र जरिया अपने पुत्र के चले जाने के बाद परिवार काफी टूट गया है और दोनों बुजुर्ग बदहवासी में अपना जीवन यापन कर रहे हैं।

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