चार साल के ऊंचे स्तर पर प्याज का भाव, अभी और रुला सकता है प्याज़

Please Share

नई दिल्ली: प्याज के दाम लगातार बढते जा रहे हैं। कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार की ओर से इस जून से ही किए जा रहे प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। प्याज ने देश के आम उपभोक्ताओं को रुलाना शुरू कर दिया है। प्याज़ के दाम पिछले चार के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुँच गए है।

वहीँ कारोबारियों के अनुसार, देश में प्याज का स्टॉक काफी कम है, जिसके कारण मंडियों में आवक कम हो रही है। खपत के मुकाबले आवक कम होने से प्याज की कीमत बढ़ रही है।

प्याज के दाम को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार ने पिछले सप्ताह इसका न्यूनतम निर्यात मूल्य यानी एमईपी 850 डॉलर प्रति टन निर्धारित कर दिया ताकि निर्यात पर पाबंदी से देश के बाजारों में प्याज की सप्लाई में कमी नहीं आए। विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी डीजीएफटी के 13 सितंबर की अधिसूचना के अनुसार, प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य 850 डॉलर प्रति टन (एफओबी) से कम भाव पर निर्यात की अनुमति तब तक नहीं होगी, जब तक इस संबंध में अगला आदेश नहीं आता है।

इधर, सरकारी एजेंसी नैफेड के पास पड़े बफर स्टॉक से प्याज खुले बाजार में बेचे जा रहे हैं, लेकिन प्याज के दाम को काबू करने में सरकार के ये सारे कदम विफल साबित हो रहे हैं क्योंकि बीते दो महीने में प्याज का भाव दो गुना ज्यादा बढ़ गया है।

admin

Passionate about independent journalism and committed to delivering timely, accurate news to our readers. As the driving force behind Hindi News Bharat, I focus on bringing important regional and national stories to light, ensuring that truthful reporting remains at the forefront of digital media.

You May Also Like