डीजीपी अशोक कुमार ने कार्यभार संभालते ही उत्तराखंड पुलिस विभाग को किया संबोधित, किए सख्त निर्देश जारी

Please Share
देहरादून: कार्यभार संभालते ही डीजीपी अशोक कुमार द्वारा वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से समस्त जनपद प्रभारियों, सेनानायकों, परिक्षेत्र प्रभारियों एवं समस्त शाखाओं एवं इकाईयों के राजपत्रित अधिकारियों को सम्बोधन किया गया। अपने सम्बोधन में उन्होने कहा कि “हम सभी लोकसेवक हैं। हमें पब्लिक को डिलिवरी देनी है, जिसके लिए हमें परफार्म करना है। हमारा प्रयास समाज को ऐसी पुलिस व्यवस्था प्रदान करने का हो, जहां अपराधी पुलिस से डरें और सज्जन पुरुष सुरक्षित और सम्मानित महसूस करें। जनता में पुलिस की छवि अच्छी हो। मुझे 100 प्रतिशत कार्य तथा 100 प्रतिशत अनुशासन चाहिए और मैं आपको आश्वस्त करता हूँ कि आपका 100 प्रतिशत कल्याण होगा। आप अपना कार्य पूर्ण निष्ठा एवं सम्र्पण से करें, यही मेरी आपसे अपेक्षा है। गरीब, असहाय, पीड़ित जो भी थाने पर आये उसे सुरक्षा एवं न्याय देना है। इसके लिए पुलिस को संवेदनशील बनना होगा, जो हमारा प्राथमिक उत्तरदायित्व है।”
उन्होने सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि।
  • लम्बे समय से जो कर्मी एक स्थान पर जमे हुए हैं, वे यह न समझे कि वे बिना परफार्मेंस के बने रहेंगे। उन्हें 100 प्रतिशत परफार्म करना होगा और पब्लिक डिलिवरी देनी होगी।
  • थानों में जन शिकायतों को शत-प्रतिशत रिसीव किया जाए।
  • साइबर, ड्रग्स और आर्थिक अपराध से संबंधित विशेष प्रकोष्ठों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इन प्रकोष्ठों को प्राथमिकता पर लिया जाए और इन्हें सशक्त किया जाए, जिससे अनावरण अधिक से अधिक हो।
  • स्थानान्तरण नीति में एकरूपता लायी जाएगी, जिसमें कर्मियों का कार्यकाल पुनर्निर्धारित किया जाएगा। प्रत्येक कर्मी को स्थानान्तरण हेतु तीन विकल्प अवश्य दिये जाएंगे।
  • पुलिसकर्मियों के कल्याण हेतु हैपीनेस कोशेन्ट को बढ़ाया जाएगा। उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, अवकाश, प्रमोशन, आदि में सुधार किया जाएगा।
  • भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बदार्शत नहीं किया जाएगा।
  •  जनपदों में स्थापित सोशल मीडिया माॅनिटरिंग सेल एवं सोशल मीडिया प्रमोशन सेल को प्रभावी बनाये जाने हेतु निदेशित किया गया।
  • अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध दिनांक 02 दिसम्बर, 2020 से 02 माह का विशेष अभियान चलाये जाने का निर्णय लिया गया, जिसमें वांछित एवं इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी, कुर्की, हिस्ट्रीशीटर, पांच साला आपराधियों एवं सक्रिय अपराधियों का सत्यापन और वारण्ट तामील शामिल है।
  • HRMS को निचले स्तर तक लागू किया जाएगा, जिसमें रोटेशन महत्वपूर्ण है।
  • पुलिसकर्मियों की समस्या, शिकायत एवं सुझावों हेतु मुख्यालय स्तर पर पुलिसजन समाधान समिति का गठन किया गया है। इसका पुलिसकर्मियों में व्यापक प्रचार-प्रसार करें।

admin

Passionate about independent journalism and committed to delivering timely, accurate news to our readers. As the driving force behind Hindi News Bharat, I focus on bringing important regional and national stories to light, ensuring that truthful reporting remains at the forefront of digital media.

You May Also Like