पिथौरागढ़ जल एवं स्वच्छता मिशन की हुई महत्त्वपूर्ण बैठक, बैठक में समयान्तर्गत लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु बनी कार्ययोजना

Please Share

दीपक जोशी की रिपोर्ट;

पिथौरागढ़: जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक बुधवार को जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में समीक्षा के दौरान अवगत कराया कि वर्ष 2024 तक जिले के प्रत्येक तक, नल का पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जिस हेतु जनपद पिथौरागढ़ में आगामी 4 वर्षों की योजना तैयार कर ली गई है, जिसमें पूरे जिले के 1553 राजस्व गांवों के कुल 93885 परिवारों को पेयजल से संतृप्त करना है। भारत सरकार के मानक के अनुसार प्रत्येक घर के प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 55 लीटर पानी उपलब्ध कराया जाना है। उसी के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर योजना बनाई जाएगी।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड कोरोना बुलिटेन: आज 264 ओर कोरोना पॉज़िटिव, सबसे ज्यादा देहरादून व नैनीताल ज़िलों में, आज 14 कोविड पॉज़िटिव मरीज़ की मौत

बैठक परियोजना प्रबंधक स्वजल जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी ने अवगत कराया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत, जिले में 4 वर्षों की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जिसमें पेयजल निगम, जल संस्थान व स्वजल विभाग द्वारा कार्य किया जाना है। इसमें योजना के क्रियान्वयन हेतु विभिन्न 12 स्वयं सेवी संस्थाओं की भी मदद ली जा रही है, जिसका चयन शासन द्वारा किया गया है। संस्था का कार्य गांव की आधारभूत संरचना तैयार के साथ ही विलेज एक्शन प्लान तैयार कर प्रत्येक राजस्व गांव में जल स्वच्छ्ता समिति का गठन करेगी जिसमें 10 से 15 सदस्य सामिल रहेंगे।

यह भी पढ़ें: बागेश्वर में बेटी बचाओ-बेटी पढाओ योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला टॉस्क फोर्स समिति की हुई बैठक, लिए गए यह महत्वपूर्ण फैसले

बैठक में वर्ष 2020-21 की कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान अवगत कराया कि इस वर्ष कुल 224 राजस्व गांवों को संतृप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। शासन द्वारा इस वर्ष सम्पूर्ण विकास खण्ड धारचूला क्षेत्र को संतृप्त किए जाने का लक्ष्य जिले को दिया गया है, जिसमें कुल 71 राजस्व गांव सामिल हैं। जिनमें पेयजल निगम जल संस्थान व स्वजल विभाग के माध्यम से कार्य किया जाना है।

बैठक में समयान्तर्गत लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जिलाधिकारी ने तीनों विभागों को 3 दिन में स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ अनुबंध की कार्यवाही पूर्ण करते हुए सभी स्वयं सेवी संस्थाओं को एक सप्ताह में ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति का गठन कर शीघ्र ही गांव का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान व स्वजल से आए अधिकारियों द्वारा वर्तमान तक की गई कार्यवाही से अवगत कराया। बैठक में उपस्थित अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा ने कहा कि योजनांतर्गत रेन वाटर हार्वेस्टिंग का भी प्राविधान रखा जाय जिससे कि वर्षाती पानी को भी अन्य उपयोग में लाया जा सके। उक्त सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी ने अवगत कराया कि योजनांतर्गत रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्राविधान रखा गया है। इसके अतिरिक्त मनरेगा से भी डपटेलिंग कर योजनांतर्गत कार्य किया जाएगा। बैठक में उपस्थित सांसद प्रतिनिधि गणेश भंडारी ने कहा कि जिन गांवों में पेयजल श्रोत उपलब्ध नहीं हैं। उन गांवों में अन्यत्र स्थानों से पेयजल लाइन का निर्माण आदि की ब्यवस्था रखी जाय। बैठक में परियोजना निदेशक स्वजल द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए जाने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।

यह भी पढ़ें: एम्स ऋषिकेश में पिछले 24 घंटे में 8 कोविड पॉजिटिव मरीजों की मौत, 19 लोगों कोरोना पॉजिटिव

बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ सौरभ गहरवार, सांसद प्रतिनिधि गणेश भंडारी, विधायक प्रतिनिधि सोहन जोशी, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान अशोक कुमार समेत अन्य उपस्थित रहे।

admin

Passionate about independent journalism and committed to delivering timely, accurate news to our readers. As the driving force behind Hindi News Bharat, I focus on bringing important regional and national stories to light, ensuring that truthful reporting remains at the forefront of digital media.

You May Also Like

Leave a Reply