जिनकी शहादत से देश की आंखें हैं नम, सरकारी रिकॉर्ड में नहीं कहलाएंगे ‘शहीद’!

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देहरादून: जम्मू कश्मीर में हुई आतंकी घटना का दर्द पूरा देश महसूस कर रहा है, देशवासी नमन श्रदांजलि दे रहे हैं। देशभर में इस समय मातम छाया हुआ है और गुस्सा पनप रहा है और सरकार से आतंकवाद के सफाये के लिये माँगें उठ रही हैं।

उधर, इन सबके बीच अर्धसैनिक बलों को शहीद का दर्जा देने की मांग एक बार फिर उठी है। वहीं, अगर थलसेना, नौसेना और वायुसेना का जवान ड्यूटी के समय जान गंवाता है तो उन्हें शहीद का दर्जा (Martyr Status) मिलता है।

राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, ‘आतंकियों से लड़कर शहीद हुए अर्धसैनिक बलों (CRPF, BSF, ITBP etc) के जवानों को सरकार शहीद तो बोलती है, लेकिन शहीद का दर्जा नहीं देती। हमारी पुरज़ोर मांग है कि पैरामिलिट्री के जवानों को शहीद के दर्जे के साथ-साथ शहीद परिवारों को मिलने वाली सभी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।

बता दें कि, जम्मू कश्मीर के पुलावमा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ (CRPF) के 40 से अधिक जवान शहीद हुए। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली। हमला उस समय हुआ जब सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) के 78 गाड़ियों के एक काफिले को जैश आतंकी ने 350 किलो विस्फोटक से भरी एक गाड़ी को जवानों से भरे बस में भिड़ा दिया, जिससे बस के परखच्चे उड़ गए।

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