धारचूला में जबरन नदी पार करने की कोशिश में नेपाली मजदूर, वहीँ उपजिलाधिकारी उनको खुद भोजन परोसते हुए-देखें वीडियो

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दीपक जोशी की रिपोर्ट

पिथौरागढ: स्वदेश जाने की चाहत में नेपाली मजदूर अन्तराष्टीय नेपाल सीमा नही खुलने पर उफनती काली नदी को जान जोखिम में डाल पार कर रहे हैं। आप को बतादें कि धारचूला में भारत-नेपाल सीमा पुल बंद होने के कारण भारत में फंसे नेपाली नागरिक जान जोखिम में डालकर काली नदी पार कर रहे हैं । यह लोग नदी में छलांक लगाकर जबरन पार करने की कोशिश में लगे है। 

घर जल्द पहुंचने की चाह में काली नदी पार कर नेपाल पहुंचे इन युवकों को नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।  नेपाल सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए 7 अप्रैल तक पुल बंद किया है जिससे किसी भी नागरिक को आने की इजाजत नही दी गई है।

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नेपाली नागरिक स्वदेश जाने की मांग और सीमा पर पुल खुलवाने को लेकर विगत तीन दिनों से काफी आक्रोश में हैं और काली नदी के मुहाने पर डेरा जमाये बेठें है। तथा नेपाल सरकार का जमकर बिरोध व पथराव भी कर रहे है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए भारत और नेपाल दोनों ही मुल्कों में इन दिनों लॉकडाउन चल रहा है और इसी बीच भारत-नेपाल के सभी पुल बंद होने के कारण 500 से अधिक नेपाली नागरिक धारचूला में फंसे हुए हैं। ये नेपाली मजदूर करो या मरो की स्थिति से गुजर रहे हैं

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हालांकि भारत की और से भी इन मजदूरों की खाने व रहने की पूरी व्यवस्था  भी की जा रही है। स्वंम उपजिलाधिकारी धारचूला द्वारा नेपाली मजदूरों को रात्री में भोजन भी कराया गया व उनके रहने की व्यवस्था भी कराई गई।

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