राज्यसभा सदस्य टम्टा ने उत्त्तराखंड की भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सहकारी बैंक की प्रवेश परीक्षा बाहरी राज्यों में करवा कर प्रदेश सरकार ने जहां बेरोजगारों की उम्मीदों पर कुठारघात किया है। वहीं, उनकी उपेक्षा भी की है। साथ ही परीक्षा का जिम्मा एजेंसी को दे दिया है, वो दूसरे राज्यों की एजेंसियों को दिया गया। इस परीक्षा को राज्य में न कराकर दूसरे बाहरी राज्यों के शहरों मथुरा, इलाहबाद, गोरखपुर, कानपूर, लखनऊ अदि स्थानो पर करवा रहे है। जिससे प्रदेश के बेरोजगार युवा अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
सहकारी बैंक की परीक्षा बाहरी राज्यों में कराने और बाहरी एजेंसी को देना बेरोजगारों से खिलवाड़: प्रदीप टम्टा
बागेश्वर: प्रदेश के सहकारी बैंकों की लिखित परीक्षा बाहरी राज्यों में कराने का राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने प्रदेश की त्रिवेन्द्र सरकार को आड़े हाथो लेते हुए कहा सूबे की भाजपा सरकार हर मोर्चे पर असफल रही और प्रदेश में बेलगाम अफसरशाही चला रही है। वहीं, बेरोजगारों की अनदेखी कर रही है। कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है।
