स्कॉलर होम स्कूल कर रहा हज़ारो बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़, 10 दिन के भीतर रद्द हो सकती है एन.ओ.सी

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देहरादून: RTI से हुआ बड़ा खुलासा, 10 दिन के भीतर स्कूल द्वारा उचित जवाब न देने पर खत्म हो सकती है स्कॉलर्स होम की एन०ओ०सी०,एक मान्यता पर चल रहे दो स्कूल, बन्द हो सकता है स्कॉलर होम स्कूल।

राजधानी देहरादून के ऐश्लेहॉल स्थित बड़े स्कूलों में शुमार स्कॉलर्स होम स्कूल हज़ारों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। RTI से मामले मान्यता CBSE द्वारा 13/03/2013 को समाप्त हो चुकी थी इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने न सिर्फ अवैध रूप से इस स्कूल का संचालन किया बल्कि स्कूल मे प्रबंधन द्वारा NCERT के सिवा महंगी पुस्तकें लगाना, RTE वाले बच्चों से पैसे लेना , कॉशन मनी लेना , शासनादेश के बाद भी अभिभावकों को राशि न लौटना , और CBSE द्वारा मान्यता रद्द होने पर स्कूल की मान्यता का नवीनीकरण न करना और न ही स्कूल को बन्द करने व अपने2 स्कूल की वेबसाइट पर पुस्तकों की सूची अपलोड न करने सम्बन्धित भिन्न भिन्न प्रकार से मनमानियां की जा रही थी जिसकी शिकायत स्कॉलर्स होम स्कूल के अभिभावक संघ व NAPSR के सचिव धर्मेन्द्र ठाकुर द्वारा शिक्षा विभाग और बाल आयोग से निरन्तर की जा रही थी ।

जिस पर 23 जनवरी 2019 को शिक्षा विभाग ने स्कूल को एक नोटिस जारी करते हुए स्कूल को 10 दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण रखने को कहा था और चेताया था कि यदि स्कूल द्वारा निर्धारित समय पर शिक्षा विभाग को उचित संतोषजनक जवाब नही मिलता है तो शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा । किन्तु स्कूल और शिक्षा विभाग की मिली भगत से इस नोटिस और मामले को दबा दिया गया परन्तु धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर द्वारा RTI डालने पर शिक्षा विभाग द्वारा भेजे गए इस नोटिस और कार्यवाही का खुलासा हुआ ।

धर्मेन्द्र ठाकुर के अनुसार स्कॉलर्स होम स्कूल ऐश्लेहॉल ब्रांच की मान्यता आज तक ली ही नही गयी है अतः वो स्कूल बिना मान्यता के ही संचालन हो रहा है और राजपुर रोड़ वाली ब्रांच की भी मान्यता 2013 मे समाप्त हो चुकी है ।अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग द्वारा कब तक बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूल के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाई की जाती है या मामले को दबा कर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जाता रहेगा। इस मामले में धर्मेन्द्र ठाकुर का कहना है कि शिक्षा विभाग और बाल आयोग की शय पर स्कूल प्रबंधकों द्वारा मासूम बच्चों के भविष्य से खेला जा रहा है।

NAPSR के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान का कहना है कि जिस स्कूल की मान्यता 2013 में समाप्त हो चुकी हो उस स्कूल से पास हुए बच्चों की मार्कशीट कैसे वैध हो सकती है इस प्रकार बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाई होनी चाहिए और अभिभावकों को भी अपने बच्चों के स्कूल की मान्यता और NOC सम्बन्धित जानकारी करने बाद हीउनका एडमिशन कराना चाहिए अन्यथा भविष्य मे उनके बच्चों को मुश्किल का सामना भी करना पड़ सकता हैऔर शिक्षा विभाग हो या बाल आयोग दोनो को ही छात्रों के हित मे नियमानुसार स्कूल को निर्देश जारी किए जाने चाहिए ।

admin

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