…तो अब भी निकाय चुनावों पर फंस रहा पेंच !

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देहरादून: हाईकोर्ट के आदेशों के बाद भले ही राज्य सरकार निकाय चुनावों की तैयारियों में जुट गयी हो लेकिन, देहरादून नगर निगम में चुनाव समय पर करवाना सरकार के लिए टेडी खीर साबित हो सकती है। क्योंकि देहरादून का सीमा विस्तारीकरण का मसला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

उच्च न्यायालय ने भले ही सरकार को निकाय चुनाव जल्द करने के आदेश दिए हों और सरकार का दावा भी है। चुनाव को लेकर तैयारी पूरी है। जिसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आने वाले सप्ताह में चुनाव की अधिसूचना भी जारी करने की बात चल रही हैं। लेकिन अभी भी देहरादून नगर निगम में चुनाव को लेकर ग़फ़लत मची हैं। कि चुनाव कितने वार्डों में होंगे, एक तरफ नगर निगम में सीमा विस्तार के बाद 72 गाँवों को निगम के दायरे में लिए गया था। जिसके बाद ग्राम प्रधान संगठन पहले हाईकोर्ट की शरण में गए और हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर ग्राम प्रधान संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसमें अभी तक सुनवाई लंबित है।

 

निकाय चुनाव मामले पर एक नजर:

04 अप्रैल 2018-जल्द चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।

05 अप्रैल-सरकार ने हाईकोर्ट से कहा-12 मई तक कर देंगे सारी प्रक्रिया, 23 निकायों में सीमा विस्तार की अधिसूचना जारी की।

14 मई -हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने पांच अप्रैल को जारी 23 नगर निकायों की सीमा विस्तार की अधिसूचना को खारिज किया।

22 मई-पांच अप्रैल की अधिसूचना को खारिज करने के सिंगल बेंच के फैसले को डबल बेंच ने पलटा। नगर निकाय चुनाव का रास्ता खुला।

23 मई -चुनाव कराने के लिए सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच हुई बैठक। 27 तक 84 नगर निकायों में चुनाव कराने के लिए सारी प्रक्रिया पूरी कर देने पर सहमति।

24 मई -सरकार ने हाईकोर्ट को दी रिपोर्ट में बताया कि 27 मई तक सारी प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।

25 मई -हाईकोर्ट ने एक अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए रुड़की को आरक्षण प्रक्रिया से अलग रखने को गलत ठहराया। साथ ही अन्य नगर निगमों के साथ ही रुड़की में आरक्षण तय करने के आदेश जारी किए।

26 मई -सरकार ने रुड़की नगर निगम पर आए सिंगल बेंच के फैसले को डबल बेंच में चुनौती देने का निर्णय लिया।

28 मई -हाईकोर्ट ने श्रीनगर और बाजपुर नगर पालिका परिषद का आरक्षण अन्य के साथ न कराने को गलत ठहराया। साथ ही सभी 41 नगर पालिकाओं का आरक्षण एक साथ तय करने के आदेश जारी किए।

27 अगस्त को मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट जिसमें अभी तक सुनवाई नहीं हो पाई

09 अक्टूबर-  प्रदेश के नगर निगमों सहित समस्त निकायों के लिए एक सप्ताह के भीतर चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश।

वहीं कोर्ट के आदेशों के बाद, देहरादून निगम अधिकारी आज भी 2011 की जनगणना के तहत और 72 गांव को जोड़ने के बाद देहरादून निगम की आबादी आठ लाख से ऊपर मानते हुए देहरादून में 100 वार्डों में चुनाव की तैयारियों की बात कर रहे हैं।

वहीं कानूनी जानकार भी मानते हैं कि, जब तक मामले में सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला नहीं सुना देता, तब तक  देहरादून में 100 वार्डों में चुनाव करने की बात सरकार को भारी पड़ सकती है। ऐसे में अब देखना होगा कि, प्रदेश में निकाय चुनाव कब तक संपन्न हो पाते हैं।

admin

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