यूएनडीपी टीम ने विभिन्न संचालित कार्यक्रमों के संबंध में मुख्यमंत्री से किया विचार विमर्श

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देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में यूनाईटेड नेशस डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) के सदस्यों ने टीम लीडर जेकब जे. सिमोनसेन के नेतृत्व में भेंट की। उन्होंने राज्य स्तर पर समग्र विकास को प्राथमिकता वाले विभिन्न क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य, पेयजल, पुष्टाहार आदि के क्षेत्र में संचालित कार्यक्रमों के संबंध में मुख्यमंत्री से विचार विमर्श किया। दल के सदस्यों द्वारा मुख्य सचिव सहित राज्य के अन्य अधिकारियों से भी विचार विमर्श किये जाने का कार्यक्रम है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने यूएनडीपी के सदस्यों का राज्य में स्वागत करते हुए कहा कि, राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, तकनीकि शिक्षा व पर्यावरण के क्षेत्र में और अधिक ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक बेहतर ढंग से पहुंचाने के लिये भी कारगर पहल की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि, राज्य की दो नदियां रिस्पना व कोसी के पुनर्जीविकरण की दिशा में सघन वृक्षारोपण अभियान के तहत प्रभावी पहल की गई है। जनपदों में भी व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण के द्वारा पर्यावरण संरक्षण की पहल की जा रही है। देहरादून शहर को ग्रेविटी का पानी उपलब्ध कराने के लिये सौंग, मलढुंग व सूर्यधार झील का निर्माण किया जा रहा है। जल संचय के लिये रेनवॉटर हारर्वेस्टिंग पर ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि, राज्य में माई सोशल रिस्पांसिबिलीटी कार्यक्रम के तहत युवाओं में जागरूकता का प्रसार किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि राज्य के टेक्नोक्रेट व प्रोफेशनल गांवों के विकास में अपनी भूमिका तय करें। उन्होंने कहा कि आज दुनियाभर में सामाजिक कार्यो का महत्व बढ़ गया है। इसके साथ ही बच्चों में उद्यमशीलता व प्रोफेशनलिज्म के विकास पर ध्यान देना जरूरी हो गया है। युवाओं को मात्र नौकरी की मानसिकता से बाहर निकलते हुए उद्यमशीलता की ओर बढ़ना होगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा हमारे युवा टेक्नोक्रेट व प्रोफेशनल राज्य की 670 न्याय पंचायतों को आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नए टेक्नाक्रेट व प्रोफेशनल को हमारे गांव की परम्परागत आर्थिकी, दैनिक उत्पादन कार्यो व ग्रामीण जीवन का अध्ययन करना चाहिए तथा आधुनिक तकनीक व स्किलस द्वारा ग्रामीणों के जीवन के सुधार के उपायों पर काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश में 13 जिले 13 नये पर्यटन गंतव्य की तर्ज पर राज्य के 95 विकासखण्डों का 95 इन्सटटियूट व 95 औद्योगिक आस्थानों द्वारा विकास किए जाने की योजना पर ठोस कार्ययोजना से कार्य करने की पहल की जा रही ही। उन्होंने कहा कि राज्य के 25 विकासखण्ड अर्न्तराष्ट्रीय सीमा पर है। हमे सीमान्त क्षेत्रों के विकास व कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
दल के सदस्यों ने बताया कि, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) संयुक्त राष्ट्र संघ का वैश्विक विकास कार्यक्रम है। यह गरीबी कम करने, आधारभूत ढाँचे के विकास और प्रजातांत्रिक प्रशासन को प्रोत्साहित करने का काम करता है। यूएनडीपी का उद्देश्य लोगों को बेहतर जीवन बनाने में मदद करने के लिए ज्ञान, अनुभव और संसाधनों को जोड़ना भी है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा संचालित समग्र विकास से संबंधित कार्यक्रमों का डाक्यूमेंटेशन पर भी ध्यान देने की बात कही।

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