सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्य 31 मार्च 2021 से पूर्व पूर्ण होकर धनराशि शत प्रतिशत व्यय हो – पिथौरागढ़ जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार

Please Share
दीपक जोशी की रिपोर्ट;
पिथौरागढ़, 3 नवंबर 20: मंगलवार को पिथौरागढ़ जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे विकास भवन सभागार में जिला योजना वर्ष 2020-21 के अंतर्गत विभागों को अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष वर्तमान तक प्रगति की विभागवार समीक्षा की गई। उन्होंने जिला योजना अंतर्गत विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों की भी समीक्षा करते हुए सभी विभागों को निर्देश दिए कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभागों द्वारा जो भी कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, उसमें सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्य 31 मार्च 2021 से पूर्व पूर्ण होकर धनराशि शत प्रतिशत व्यय हो, इस हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। विभाग अधूरे कार्यों को प्राथमिकता देते हुए इन सभी कार्यों को इसी वर्ष में पूर्ण करें। अगले वित्तीय वर्ष हेतु एक भी अधूरा कार्य अवशेष न रहे यह संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में संचालित कार्यों को प्राथमिकता से समयान्तर्गत पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि विभाग जनोपयोगी कार्यों को प्राथमिकता देते हुए वहीं कार्यों को प्रस्तावित करें जो इसी वर्ष पूर्ण हो सके, साथ ही अधूरे कार्यो को पूर्ण करने हेतु धनराशि की मांग करें तथा किसी भी कार्य एवं परियोजना के प्रस्ताव प्रस्तुत करते समय उसकी डीपीआर अवश्य प्रस्तुत करें तभी धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में जिले में शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न विद्यालय भवनों के निर्माण, मरम्मत आदि कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रथम प्राथमिकता उन विद्यालयों को दी जाय जहॉ भवनों की छत की मरम्मत करनी आवश्यकीय है, ताकि छात्र-छात्रा आसानी से पठन पाठन कर सकें। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में सौचालय निर्माण के प्रस्ताव हैं, उनके निर्माण के समय पानी की व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा जाय। सौचालय में पानी की व्यवस्था अवश्य होनी चाहिए।
उन्होंने कार्यदाई संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिन भी नए भवनों का निर्माण, मरम्मत कार्य, अतिरिक्त कक्ष, सौचालय निर्माण व चहारदीवारी का निर्माण कार्य किया जा रहा है, यह सुनिश्चित हो कि सभी कार्य इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण हो। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता हेतु समय समय पर अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।
 यह भी पढ़ें: केदारनाथ धाम में मौसम ने एक बार फिर ली करवट, हुई जमकर बर्फबारी
पेयजल विभाग की समीक्षा के दौरान जिले के तीनों खंड अंतर्गत निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं के निर्माण की प्रगति की जानकारी संबंधित अधिशासी अभियंता द्वारा दी गई। जिलाधिकारी ने तीनों अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो पेयजल योजना इस वर्ष पूर्ण हो रही है, उन्हीं के लिए धनराशि की मांग करें, उन्हें धनराशि अवमुक्त कर दी जाएगी। अधिशासी अभियंता पेयजल निगम पिथौरागढ़ ने अवगत कराया कि इस वित्तीय वर्ष में पिथौरागढ़ खण्ड के अंतर्गत रई, देवत, सिलपाटा, गुरना, देवलालगांव, पिथौरागढ़ जलाशय, कनारी, धारी धमोड, सुपोखरा, बड़ाबे, मूनाकोट, बड़ालु, बकसिल, चण्डिकाघाट, मदमानले, जलतुरी, लोधियागैर, नावली आदि पेयजल योजना को इसी वर्ष पूर्ण कर लिया जा रहा है। इन्हीं योजनाओं में धनराशि की मांग की गई है।
इसी प्रकार डीडीहाट खण्ड के अंतर्गत कुल 37 पेयजल योजना इस वर्ष पूर्ण हो रही है। गंगोलीहाट खण्ड के अंतर्गत भी विभिन्न निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने तीनों खण्डों से आए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो योजना मार्च तक पूर्ण हो रही या जो बड़ी योजना हैं, उन्हें पूर्ण करने हेतु धनराशि की मांग करें। शीघ्र ही धनराशि अवमुक्त कर दी जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा के दौरान जिला एवं महिला चिकित्सालय में पेयजल की समस्या के समाधान हेतु जिलाधिकारी ने दोनों चिकित्सालयों हेतु अलग से पेयजल लाइन व टैंक का निर्माण करने हेतु शीघ्र ही प्रस्ताव भेजने के निर्देश जल संस्थान व स्वास्थ्य विभाग को दिए। सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान अवगत कराया कि विभाग के अंतर्गत पुराने कार्यों को पूर्ण करने हेतु योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। बैठक में कृषि एवं उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय योजनाओं का लाभ किसानों एवं उद्यमियों को समय पर देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुदान के तहत जो भी कृषि उपकरण, बीज, रसायन आदि देने हैं उन्हें प्राथमिकता के तहत छोटे किसानों, महिला समूहों को प्राथमिकता दें।
 यह भी पढ़ें: भारतीय वन सेवा अधिकारियों में फेरबदल व तैनाती
बैठक के दौरान जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने अवगत कराया कि जिला योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिले को 47 करोड़ 77 लाख कुल परिव्यय के सापेक्ष 39 करोड़ 48 लाख की धनराशि शासन से प्राप्त हुई है। जिसमें से वर्तमान तक विभागों को 24 करोड़ 23 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है जिसमें से विभागों द्वारा लगभग 13 करोड़ की धनराशि व्यय कर ली गई है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ सौरभ गहरवार, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ विद्यासागर कापड़ी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी जमील नफीस, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग एल सी पाण्डेय, मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया समेत विभिन्न विभागों एवं कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।

admin

Passionate about independent journalism and committed to delivering timely, accurate news to our readers. As the driving force behind Hindi News Bharat, I focus on bringing important regional and national stories to light, ensuring that truthful reporting remains at the forefront of digital media.

You May Also Like